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मामूली अंकों से पिछड़ा कॉलेज, मिली बी डबल प्लस ग्रेड

ऑनलाइन के माध्यम से नेक कराने वाला बना प्रदेश का पहला कॉलेज

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college not met a grade

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कटनी । नेक टीम के निरीक्षण में ए ग्रेड पाने की उम्मीद लगाए बैठे शासकीय तिलक कॉलेज प्रबंधन की उम्मीदों पर पानी फिर गया। निरीक्षण टीम द्वारा कॉलेज को 2.99 अंक दिए गए, जिसके चलते उसे बी डबल प्लस का ग्रेड मिला। टीम द्वारा .02 अंक और दे दिए जाते तो कॉलेज ए ग्रेड की कैटेगरी में आ जाता। इसके साथ ही पहली बार ऑनलाइन के माध्यम से नेक कराने वाला जिले का अग्रणी महाविद्यालय प्रदेश भर का पहला कॉलेज बना है।
10 साल बाद हुआ निरीक्षण: 10 साल बाद शासकीय तिलक कॉलेज में 9 व 10 अगस्त 18 को नेक टीम निरीक्षण पर आई। दो दिन के दौरे पर आई टीम ने कॉलेज में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। छात्रों से ऑनलाइन फीड बैक लिए। शिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कॉलेज में संचालित होने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
इधर, कॉलेज प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार नेक टीम के निरीक्षण के बाद कॉलेज में विकास के द्वार प्रशस्त हो जाते हैं। बी प्लस-प्लस की ग्रेड मिलने के बाद प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 10 लाख की ग्रांट दी जाएगी। राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान रूसा के तहत भी कॉलेज विकास को लेकर लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी। नेक प्रभारी प्रोफेसर डॉ. चित्रा प्रभात ने बताया कि ऑनलाइन के माध्यम से नेक कराने वाला शासकीय तिलक महाविद्यालय प्रदेश का पहला कॉलेज बना है। इसमें 7 कैटेगरी में 72 फार्मेंट होते हैं। उन्होंने बताया कि इसके
पहले तक ऑनलाइन के माध्यम से नेक नहीं होता था। पूर्व में किताबों के रूप में उसकी फाइल बनाकर भेजी जाती थी।

इन कमियों के चलते पिछड़ गया कॉलेज
निरीक्षण पर आई नेक टीम को कॉलेज में पर्याप्त नियमित स्टाफ नहीं मिला था। रिसर्च सेंटर भी नहीं था। इसके साथ ही कॉलेज परिसर में आडीटोरियम हॉल व कैंटीन निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया था। इन्हीं सब कमियों के चलते ग्रेडिंग मेंं कुछ अंक कट गए।


इनका कहना है
नेक द्वारा जारी किए गए परिणाम में शासकीय तिलक कॉलेज को बी प्लस-प्लस का गे्रड दिया गया है। कॉलेज को ए ग्रेड दिलाने में पूरी तैयारी की गई थी लेकिन कुछ कमियों के चलते अंक कट गए हैं, जिसके चलते ए ग्रेड
पाने में पिछड़ गए।
डॉ. सुधीर खरे, प्राचार्य
शासकीय तिलक कॉलेज