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डिफेंस, ऑटोमोबाइल और पावर सेक्टर से भरा खजाना

स्टेट जीएसटी के राजस्व में इजाफा, डिफेंस, ऑटोमोबाइल और पावर सेक्टर से भरा खजाना

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डिफेंस, ऑटोमोबाइल और पावर सेक्टर से भरा खजाना

डिफेंस, ऑटोमोबाइल और पावर सेक्टर से भरा खजाना

जबलपुर. ऑटोमोबाइल, बिजली कंपनियों और आयुध निर्माणियों के सामान्य कारोबार में इजाफा होने से स्टेट जीएसटी के रूप में शासन का खजाना तेजी से भरा है। वाणिज्यिक कर जबलपुर कार्यालय के अंतर्गत क्षेत्रों में वित्तीय वर्ष की पहली छहमाही में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गत वर्ष के मुकाबले सितंबर तक कर संग्रह 11 प्रतिशत अधिक है।

जीएसटी के रूप में शासन को राजस्व देने के मामले में जबलपुर का बड़ा योगदान रहता है। सेंट्रल जीएसटी की तरह स्टेट जीएसटी का संग्रह भी पहले के मुकाबले में ज्यादा होने लगा है। पिछले साल तक कारोबार पर कोरोना का असर था। वह अब खत्म हो गया है। जबलपुर और आसपास के क्षेत्र में छोटी एवं बड़ी इंडस्ट्री में उत्पादन पटरी पर आ चुका है। इसी प्रकार व्यापार भी बेहतर िस्थति में आ गया है। यही कारण है कि सरकारी खजाने में ज्यादा मात्रा में कर की राशि आ रही है।

चार सर्किल करते हैं काम करते

स्टेट जीएसटी के कलेक्शन के रूप में जबलपुर में चार सर्किल काम करते हैं। इनका अपना-अपना क्षेत्राधिकार है। जिले की बात करें तो यहां पर बिजली कंपनियों के मुख्यालय हैं। एमएसएमई क्षेत्र की 8 हजार से ज्यादा इकाइयां और डेढ दर्जन वृहद उद्योग संचालित होते हैं। इसके अलावा यह शहर बड़ा व्यापारिक केंद्र भी है। कई प्रकार के थोक कारोबार यहां पर होते हैं। अभी लगातार बड़ी कंपनियों के शोरूम भी आ रहे हैं। इनके कारोबार से भी शासन को अच्छा खासा टैक्स मिलता है। लगातार बढ़ रही बिक्री शहर में सबसे ज्यादा चलने वालाें कारोबारों में ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, रक्षा उत्पादन, रेडीमेड गारमेंट, फर्नीचर शामिल हैं।

IMAGE CREDIT: gyani prasad

11 प्रतिशत का इजाफा

इन सभी क्षेत्रों से स्टेट जीएसटी के रूप में बड़ा टैक्स प्राप्त होता है। कोरोनाकाल और उसके बाद भी ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट का कारोबार तेजी के साथ चलता रहा है। इस साल भी इसमें तेजी देखी जा रही हैै। 11 प्रतिशत का इजाफा स्टेट जीएसटी के रूप में अप्रेल से लेकर सितंबर तक वाणिज्यिक कर जबलपुर कार्यालय ने 724 करोड़ रुपए का कर संग्रह किया। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह सितंबर के महीने तक 652 करोड़ रुपए था। हालांकि बीच में कुछ महीने ऐसे रहे जब पिछले साल की तुलना में कर संग्रह कम हुआ। तो कुछ माह ऐसे हैं जिनमें ज्यादा कर का संग्रह हुआ। सितंबर और अक्टूबर का महीना त्योहारों वाला सीजन है। ऐसे में अगले महीने कर संग्रह का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

यह है िस्थति

माह--वर्ष 2021--वर्ष 2022

अप्रेल 183.73 158.04

मई 53.80 121.66

जून 73.72 115.29

जुलाई 127.36 130.87

अगस्त 111.19 105.79

सितंबर 103.05 92.87

नोट: कर की राशि करोड़ रुपए में

कोरोना के बाद उद्योग और कारोबार की िस्थति में सुधार हुआ है। इसका असर कर संग्रह पर हुआ है। यह पहले की तुलना में बढ़ रहा है। यह प्रयास भी किया जाता है कि सभी डीलर्स अपना कर सही समय पर जमा करें।

आभा जैन, प्रभारी संयुक्त आयुक्त, स्टेट जीएसटी