जबलपुर। साल 1993 तक कांग्रेस का गढ़ रही केंट विधानसभा में पार्टी पिछले 30 साल से जीत का सूखा खत्म करने के प्रयास में हैं। इसके लिए कांग्रेस ने कई प्रयोग भी किए लेकिन सफल नहीं हो सके। उल्लेखनीय है कि 1972 से 1993 तक यह कांग्रेस का गढ़ रही।
1993 में भाजपा ने पहली बार चखा जीत का स्वाद
1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार यहां जीत का स्वाद चखा। यहां ईश्वरदास रोहाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रमोहन को हराकर केंट में जीत का परचम लहराया। इसके बाद वे लगातार चार बार इस सीट से विधायक चुने गए। विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। उनके निधन के बाद 2013 से यहां उनके पुत्र अशोक रोहाणी दो बार से निर्वाचित हो रहे हैं। 1972 से लेकर 2023 के बीच हुए यहां 11 चुनाव में पांच कांग्रेस ने छह में भाजपा ने जीत दर्ज की है।
दोनों दलों के लिए चुनौती
इस विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी सीट बरकरार रखने के लिए मैदान में है। पार्टी ने अशोक रोहाणी को तीसरी बार उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस अब तक यहां से उम्मीदवार तय नहीं किया है। चर्चा है कि पार्टी ने एक नाम फाइनल तो कर लिया है लेकिन अन्य दावेदारों की सहमति बनाने के फेर में घोषणा अटकी हुई है।
विजेता पार्टी - जीत का अंतर
साल 1972
कांग्रेस मनमोहन दास 28781
भारतीय जनसंघ जयश्री बैनर्जी 5396
कांग्रेस उम्मीदवार 23385
साल 1977
कांग्रेस दिनेश चंद्र मिश्रा 13654
जनता पार्टी सुखदेव यादव 13641
कांग्रेस 13 वोट से जीती
साल 1980
कांग्रेस दिनेश चंद्र 15415
भाजपा एसएस गूमर 7852
कांग्रेस 7563
साल 1985
कांग्रेस चंद्र मोहन 23877
भाजपा दिलीप यादव 11441
कांग्रेस 12436
साल 1990
कांग्रेस चंद्र मोहन 19545
भाजपा आनंद बर्नाड 15669
कांग्रेस 3876
साल 1993
भाजपा ईश्वरदास रोहाणी 29579
कांग्रेस चंद्रमोहन 22518
भाजपा 7041 मतो से जीती
साल 1998
भाजपा ईश्वरदास रोहाणी 37459
कांग्रेस प्रेम दुबे 30170
भाजपा 7289
साल 2003
भाजपा ईश्वरदास रोहाणी 55109
कांग्रेस तरविंदर कौर गुजराल 29011
भाजपा 26098
साल 2008
भाजपा ईश्वरदास रोहाणी 57200
कांग्रेस आलोक मिश्रा 32469
भाजपा 24731
साल 2013
भाजपा अशोक रोहाणी 83558
कांग्रेस सर्वेश्वर चमन श्रीवास्तव 29935
भाजपा 54643
साल 2018
भाजपा अशोक रोहाणी 71898
कांग्रेस आलोक मिश्रा 45313
भाजपा 26858
केंट विधानसभा
- 1993 के बाद कांग्रेस नहीं लगा सकी सेंध
- भाजपा के ईश्वर दास रोहाणी 20 साल रहे विधायक
- पिछले 10 साल से अशोक रोहाणी है विधायक