
congress leader sarla mishra murder case latest news
जबलपुर। प्रदेश के चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं वैसे-वैसे कांग्रेस नेताओं की मुसीबतें भी बढऩे लगी हैं। विशेषकर बड़े कांग्रेस नेता कानून के शिकंजे में फंस रहे हैं। भिंड के कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पहले ही दुष्कर्म और अपहरण मामले में आरोपी बनाए जा चुके हैं। अब कांग्रेस के अन्य बड़े नेता में कानूनी उलझन में उलझ सकते हैं।
फिर गूंजा सरला मिश्रा हत्याकांड
दो दशक पहले का एक मामला कांग्रेस के बड़े नेताओं को परेशान कर रहा है। सन 1997 में एक कांग्रेस नेत्री की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किए हैं। कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। सरला के भाई ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के डीजीपी समेत अन्य संबंधितों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश के एक्स सीएम दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह समेत अन्य अनेक बड़े नेताओं पर भी आरोप लगे है। इस याचिका पर हाईकोर्ट के नोटिस के साथ ही चुनावी बेला में एक बार फिर सरला मिश्रा हत्याकांड गूंजने लगा है।
यह है मामला
सरला मिश्रा कांग्रेस की बड़ी नेत्री थीं। मूल रूप से होशंगाबाद की निवासी सरला मिश्रा भोपाल में ही रहकर कांग्रेसी राजनीति में सक्रिय थीं। सन 1997 में उनकी संदिग्ध मौत हो गयी। कांग्रेस नेत्री की मौत को पुलिस ने आत्महत्या बताया था। इधर सरला मिश्रा के परिजनों का आरोप था कि सरला ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी हत्या की गई है। परिजनों ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी संदिग्ध मौत को आत्महत्या का रूप बड़े कांग्रेस नेताओं के दबाव के कारण दिया गया। परिजनों ने सरला मिश्रा की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए भोपाल के टीटी नगर थाना में शिकायत दर्ज करायी थी। इसी मामले में अब सरला मिश्रा के भाई ने याचिका दायर करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अब चार सप्ताह बाद मामले की सुनवाई होगी।
Published on:
23 Mar 2018 01:17 pm
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