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कांग्रेस के इस बड़े नेता की हुई वापसी, इस वजह से थे निष्कासित

काउंसिल के 16 सदस्यों ने सिफारिश के बाद सदस्यता बहाल

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जबलपुर। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा की एमपी स्टेट बार काउंसिल में वापसी हो गई है। बार काउंसिल की 9 अप्रैल को सामान्य सभा की बैठक में नीखरा की सदस्यता बहाली का निर्णय हुआ। इससे पहले सामान्य सभा की बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण नीखरा को 24 फरवरी, 2018 को काउंसिल से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद करीब 16 सदस्यों ने पत्र लिखकर काउंसिल से नीखरा की सदस्यता बहाल किए जाने का आग्रह किया था। इन पत्रों पर सामान्य सभा की बैठक में चर्चा के दौरान काउंसिल के सदस्यों ने सर्वसम्मति से नीखरा की काउंसिल सदस्यता बहाल कर दी। इसकी पुष्टि काउंसिल के सदस्य राधेलाल गुप्ता, आरके सिंह सैनी ने की है।

नर्मदा यात्रा का सुफल
प्रदेश कांग्रेस में गहरी पैठ रखने वाले और पूर्व सांसद नीखरा के बार काउंसिल की वापसी का फैसला संयोग से उस दिन आया जिस उनकी नर्मदा परिक्रमा पूरी हुई। इसके चलते यह कहा जा रहा है कि नीखरा को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ की गई नर्मदा परिक्रमा का सुफल मिला है।

पहले एसडीएम, अब तहसीलदार
इधर, जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच कार्यभार में बदलाव किया गया है। आइएएस अंशुल गुप्ता अभी तक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की जिम्मेदारी सम्भाल रहे थे, अब उन्हें पाटन तहसीलदार पद का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्टर छवि भारद्वाज ने पदभार सम्भालने के बाद पहली बार प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य विभाजन में ये बदलाव किया है। गोरखपुर एसडीएम की अरविंद सिंह की पदस्थापना अब ओमती अनुविभाग में की गई है। जबकि ओमती एसडीएम रहीं मनीषा वास्कले को नई व्यवस्था के तहत गोरखपुर अनुविभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पाटन तहसीलदार रहे शैलेष द्विवेदी को नई जिम्मेदारी सिहोरा में नजूल तहसीलदार के तौर पर दी गई है।

इस बात की चर्चा
सहायक आयुक्त से पाटन तहसीलदार बनाए गए आइएएस अंशुल गुप्ता इससे पूर्व कोतवाली एसडीएम पद की जिम्मेदारी सम्भाल चुके हैं। एेसे में उनकी नई पदस्थापना प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय है, कि पूर्व में एसडीएम का पद दिया गया और अब तहसीलदार बना दिया गया। पहले बड़े पद पर पदस्थापना के बाद फिर उससे निचले पर पदस्थापना के कारण मामला चर्चा में आ गया है।