
Coronavirus Cases Rajasthan, New Corona positive cases
जबलपुर
कोरोना से लड़ाई में अहम रोल निभा रहे नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की मशीनरी अपग्रेड हो गई है। नई मशीनों सहित अन्य संसाधनों में विस्तार से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। 12 दिन में वायरोलॉजी लैब की स्थापना के रेकॉर्ड के बाद कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ाने की कार्ययोजना पर काम तेजी चल रहा है। लैब में दो-तीन दिन में एक और अत्याधुनिक मशीन स्थापित होने वाली है। इसके अलावा कई नए उपकरण कॉलेज में दो माह के अंदर स्थापित हुए हैं। आधुनिक उपकरणों के आने से मरीजों की निगरानी से लेकर गम्भीर मरीजों का उपचार आसान हुआ है। शुद्ध पानी, हवा के साथ ही उपकरणों को संक्रमण मुक्तबनाने की नई मशीनों के आने से हाइजिन लेवल बढ़ा है।
गम्भीर मरीजों को मिलेगा फायदा
मेडिकल में करीब 70 वेंटीलेटर है। इसमें मेडिकल अस्पताल में करीब 42 और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लगभग 25 वेंटीलेटर शामिल है। अभी करीब 51 वेंटीलेटर कोरोना संक्रमितों के लिए रिजर्व किए गए है। कोरोना संक्रमितों को सांस लेने में होने वाली समस्या और गम्भीर संक्रमितों के उपचार के लिए अभी नए वेंटीलेटर भी लगाया जाना है। करीब 20 वेंटीलेटर मंगाए गए हैं। 15 वायपेप की नई खेप भी जल्द आने वाली है।
दोगुनी से ज्यादा होगी जांच क्षमता
एनआईआरटीएच के अलावा कॉलेज में वायरोलॉजी लैब में कोरोना संदिग्धों के नमूने जांचे जा रहे है। 35 नमूनों की प्रारम्भिक जांच क्षमता के साथ शुरु हुई लैब की क्षमता एक महीने में ही बढ़कर प्रतिदिन दौ सौ नमूनों की जांच तक पहुंच गई है। कोरोना जांच की दूसरे नंबर की ज्यादा समय लेने वाली जटिल प्रक्रिया को आसानी से सम्पादित करने के लिए एक आधुनिक मशीन मंगाई गई है। इसके आने से लैब की क्षमता मौजूदा स्थिति दोगुनी से ज्यादा हो जाएगी।
कोरोना मरीजों को फायदा हुआ
कोरोना वायरस फेफड़ों को संक्रमित कर सांस लेने में समस्या बढ़ाता है। इसे समझते हुए कॉलेज प्रबंधन ने कोरोना से लड़ाई में उन उपकरणों की स्थापना को तरजीह दी जो संक्रमितों को सांस लेने में उबारने से मदद करें। संक्रमण की दस्तक के साथ ही पल्स, ऑक्सीमीटर, सीपेप, वायपेप, हाई फ्लो नेजल कैनुला और मास्क सहित अन्य आवश्यक नवीन उपकरण उपयोग में लाए गए। इन उपकरणों की मदद से कोरोना संक्रमितों को दी गई ऑक्सीजन थैरेपी का लाभ मिला। कई संक्रमितों को बिगड़ती हालत को सहारा देने के साथ ही वेंटीलेटर की जरुरत नहीं पड़ी। उनकी रिकवरी तेजी से हुई।
ये नए उपकरण आए
18 इसीजी मशीन,10 सीपेप,15 वायपेप मास्क ,20 मल्टी पैरा मॉनीटर,94 इन्फ्यूजन पंप,2 एबीजी मशीन,8 डी फिब्रिलेटर, 3 इटीओ स्टरलाइजेशन,4 हाई फ्लो नेजल कैनुल,5 एयर प्यूरीफायर,
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मल्टी पैरा मॉनीटर: एक डिस्प्ले बोर्ड, जिसमें मरीज का पल्स रेट, ऑक्सीजन लेवल व अन्य जानकारी प्रदर्शित होती है।
इन्फ्यूजन पम्प: इनका आइसीयू में इस्तेमाल होता है। मरीज के शरीर में लगातार निर्धारित मात्रा में धीर-धीरे दवा इसके जरिए प्रवेश कराई जाती है।
वायपेप मास्क : इसे वेंटीलेटर का हिस्सा माना जा सकता है। ओएसए, सीओपीडी वाले मरीज को सांस लेने में ताकत देने के लिए उपयोग होता है।
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मरीजों की सुविधाएं बढ़ी
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ.राजेश तिवारी के अनुसार अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार हुआ है। नए उपकरण आए है। कोरोना मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे है।
Published on:
08 Jun 2020 08:50 pm
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