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बहुत गरीब हो गया यहां का स्वास्थ्य महकमा, कोरोना योद्धाओं को मास्क व ग्लव्स तक नहीं दे पा रहा

जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में समय पर सुरक्षा व अन्य सामग्री नहीं मिलने से परेशानी, प्लाज्मा डोनेशन की किट भी समाप्त  

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जबलपुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपर में गम्भीर कोरोना मरीजों की सेवा में जुटा स्टाफ मास्क और ग्लव्स की कमी से जूझ रहा है। कोरोना मरीज तेजी से बढऩे के साथ संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सामग्रियों की शॉर्टेज हो गई है। कोविड वार्ड की व्यवस्थाओं को बहाल रखने के लिए सामग्री उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जा रही है। लेकिन, नॉन कोविड वार्ड में कई जगह स्टाफ के लिए मास्क से लेकर ग्लव्स तक का स्टॉक शून्य हो चुका है। शुक्रवार को प्लाज्मा डोनेशन की किट भी समाप्त हो गई। कोविड और नॉन कोविड, दोनों प्रकार के गम्भीर मरीजों के बढ़ते भार के बीच सुरक्षा एवं अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से कोरोना से युद्ध में समस्या हो रही है। मास्क और ग्लव्स की समस्या से कोविड से लेकर नॉन कोविड वार्ड तक का स्टाफ परेशान है। बताया जा रहा है कि कोविड वार्ड में ड्यूटी के दौरान स्टाफ को सुरक्षा की दृष्टि से हाथ में दो दस्ताने पहनने होते है। संक्रमण के बढ़ते खतरें को देखते हुए कुछ दिन पहले तक नॉन कोविड वार्ड में भी स्टाफ को एन-95 मास्क दिया जा रहा था। लेकिन कोविड स्टाफ की जरुरत को देखते हुए अभी नॉन कोविड को एन-95 मास्क नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा नेबुलाइजर और ऑक्सीजन मास्क सहित कुछ अन्य सामग्री भी सीमित बताई जा रही है। पीपीइ में शरीर को कवर करने वाले गाउन की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता है।
इनकी ज्यादा कमी
- डिस्पोजबल मास्क
- एन-95 मास्क
- फेस शील्ड
- हैंड ग्लव्स
- चश्मा
कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलाव के कारण हर जगह मास्क, ग्लव्स, फेस सील्ड जैसे सुरक्षात्मक उपकरणों की मांग बढ़ गई है। शहर में कोरोना का ग्राफ अचानक बढऩे के साथ खपत कई गुना बढ़ गई है। प्रदेश और देश के अन्य शहरों में भी कोरोना संबंधी उपकरण और सुरक्षा सामग्री की मांग तेज होने से आपूर्ति चेन लडखड़़ा रही है। लगातार बढ़ती मांग के बीच कॉर्पोरेशन के लिए समय पर सामग्री की आपूर्ति भी मुश्किल हो रही है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीके कसार के अनुसार सुरक्षा सामग्री एवं किट की मांग शासन को भेज दी गई है। जल्द ही सामग्री की आपूर्ति हो जाएगी। फिलहाल आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर विभागों को समस्त अनिवार्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। गम्भीर कोरोना संक्रमित के उपचार में प्लाज्मा थैरेपी को कारगार माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में गम्भीर कोरोना मरीज भर्ती होने और उनकी जरूरत को देखते हुए प्लाज्मा डोनेशन और थैरेपी की सुविधा शुरू की गई है। जिसमें कोरोना से स्वस्थ्य हो चुके व्यक्ति की एंटीबॉडी लेकर गम्भीर संक्रमित को दी जाती है। लेकिन प्लाज्मा को तैयार करने वाली प्लाज्मा फेरेसिस किट नहीं होने से प्लाज्मा दान की प्रक्रिया शुक्रवार को रुक गई। मेडिकल प्रबंधन का दावा है कि किट सप्लाई करने वाली कम्पनी को मांग के बारे में जानकारी भेज दी गई है। एक-दो दिन में किट उपलब्ध हो जाएगी। अभी कॉलेज के ब्लड बैंक में विभिन्न रक्त समूह के डोनेट हुए प्लाज्मा रखे हुए हैं। किसी मरीज को आवश्यकता होने पर यह उपलब्ध करा दिया जाएगा।