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covid-19 : कानपुर से पैदल और लिफ्ट लेकर ड्यूटी करने पहुंचा आरक्षक

ओमती थाने में पदस्थ आरक्षक आनंद पांडे ने पेश की कर्तव्य की मिसाल

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constable Anand Pandey

constable Anand Pandey arrived from Kanpur by foot and lift

जबलपुर। कोरोना से जंग में डॉक्टरों के साथ पुलिस कर्मी भी पीछे नहीं हैं। ओमती थाने में पदस्थ आनंद पांडे ने कर्तव्य की मिसाल पेश की है। आनंद 20 फरवरी को पत्नी के ऑपरेशन के चलते अवकाश पर कानपुर स्थित पैतृक गांव गए थे। एक महीने का अवकाश समाप्त होने पर ड्यूटी के लिए कानपुर से पैदल ही जबलपुर के लिए चल पड़े। रास्ते में कई जगह लोगों ने अपने वाहनों से उन्हें लिफ्ट दिया। 30 मार्च को कानपुर से निकले आनंद गुरुवार को ड्यूटी देने ओमती थाने पहुंचे। टीआई एसपीएस बघेल सहित पूरे स्टाफ ने उनका स्वागत किया।

ऐसे पूरा किया सफर
आरक्षक आनंद पांडे के मुताबिक वे 30 मार्च को कानपुर से पैदल रवाना हुए थे। 40 किमी पैदल चले। घाटमपुर से रसोई गैस के वाहन में लिफ्ट लेकर महोबा-छतरपुर बार्डर पहुंचे। छतरपुर पुलिस लाइन के वाहन से लिफ्ट लेकर हीरापुर पहुंचे। यहां से 25 किमी पैदल चलकर छतरपुर आए। छतरपुर बस स्टॉप पर रात गुजारी। 31 मार्च को छतपुर से 25 किमी चलने के बाद एक बाइक सवार से लिफ्ट लिया। उसने दमोह से 10 किमी पहले छोड़ा। 31 को दमोह में रुक कर विश्राम किया। एक अप्रैल को पैदल चलकर कटंगी पहुंचे। यहां एम्बुलेंस चालक ने उन्हें दमोहनाका के पास छोड़ा। वहां से वह पैदल निवास गए और गुरुवार को ओमती थाने में आमद दी।