Crime uncontrolled in Jabalpur: हर दूसरे दिन हत्या, तो तीसरे दिन लूट हो रही

अपराध बेलगाम : पुलिस का नहीं दिख रहा अंकुश, बेखौफ हो रहे अपराधी

By: santosh singh

Published: 16 Sep 2020, 10:44 AM IST

जबलपुर. जिले में बढ़ते अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अपराधी बेखौफ वारदातों को अंजाम दे हैं। आलम यह है कि सितम्बर के पहले पखवारे में हत्या की छह वारदातें सामने आ चुकी हैं। लूट के पांच वारदातों के साथ एक डकैती भी पनागर के परियट बवाल मामलें में दर्ज हुई है। इनमें से दो लूट का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि इस दौरान पुलिस को एनडीपीएस व बड़ी मात्रा में शराब जब्त करने में सफलता भी मिली।
अपराधों की स्थिति-
हत्या 07
हत्या के प्रयास 06
लूट 05
डकैती-01
चोरी 10
बलात्कार 05
फायरिंग-01
------
आत्महत्या के मामले
आत्महत्या 24
पुरुष 14
महिला 10
आत्महत्या के प्रयास 03
....................
एक्सीडेंट मौत: 10
...........
एनडीपीएस-05
अफीम 580 ग्राम
गांजा 16.20 किग्रा
स्मैक 25 ग्राम
..................
आम्र्स की जब्ती
पिस्टल 01
कट्टा 01
कारतूस 02

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IMAGE CREDIT: patrika

कोतवाली पुलिस ने स्कूटी चुराने के मामले में 13 व 17 वर्षीय दो किशोरों को गिरफ्तार किया। किशोर अपने शौक पूरे करने के लिए वाहन चुराते थे। रांझी में 13 वर्षीय किशोरी और मेडिकल के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल से कोविड संक्रमित मरीज ने कूद कर आत्महत्या कर ली। गोसलपुर में नशे में अंधे होकर 24 वर्षीय युवक ने 62 वर्षीय वृद्धा से बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी। गढ़ा थाना क्षेत्र निवासी शराबी पति ने चरित्र संदेह पर हथौड़ी मारकर हत्या कर दी, दूसरे दिन खुद फंदे से लटका मिला। हत्या की छठी वारदात कटंगी में हुई। यहां 16 वर्षीय किशोरी को अगवा कर शादीशुदा 30 वर्षीय मजदूर युवक दमोह के जंगल में ले गया। बलात्कार के बाद किशोरी की हत्या कर शव को छिपाकर घर लौट आया। पांच सितम्बर को उसकी गिरफ्तारी होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। वहीं कुंडम में पड़ोस में रहने वाले 18 वर्षीय युवक ने 10 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार किया।
हत्या की ये वारदातें
05 सितंबर को किशोरी का अपहरण, बलात्कार के बाद हत्या कर दमोह जंगल में फेंका शव
06 सितंबर को रांझी में 18 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या
06 सितंबर को ही ओमती में बड़े भाई ने छोटे भाई की चाकू मारकर की हत्या
08 सितंबर को 24 वर्षीय युवक ने 62 वर्षीय वृद्धा के साथ बलात्कार के बाद की हत्या
09 सितंबर को गढ़ा में चरित्र संदेह में पति ने हथौड़ी मारकर पत्नी की हत्या की
09 सितंबर का बेलखेड़ा के मालाकला में जमीन के विवाद में रिश्तेदार की हत्या
15 सितम्बर को गोहलपुर में रंजिश में युवक की चार आरोपियों ने चाकू मारकर हत्या की
बलात्कार-
शहर में बलात्कार के मामले भी बढ़ रहे हैं। पिछले दस दिनों में ग्वारीघाट, बेलखेड़ा कुंडम और चरगवां थाने में बलात्कार के एक-एक मामले दर्ज हुए।
आत्महत्या के मामले बढ़े
शहर की पहचान सुसाइड सिटी की बनती जा रही है। एनसीआरबी की 2019 की रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि होती है। इंदौर के बाद सबसे अधिक आत्महत्या जबलपुर में हो रही है। पिछले 15 दिनों में 24 लोगों ने आत्महत्या की। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्महत्या करने वालों में अधिकतर 30 वर्ष से कम उम्र के युवक-युवती और किशोरी हैं। आत्महत्या के लिए पूर्व में शुरू हुई संजीवनी दम तोड़ रही है। इस दौरान कोड रेड के आरक्षक सहित तीन लोगों ने आत्महत्या का प्रयास भी किया।
हाइवे का सफर हुआ खतरनाक
शहर में हाइवे का सफर खतरनाक होता जा रहा है। पिछले 15 दिनों में हुए हादसों में 10 लोगों की मौत हुई। इसमें तीन हादसे एनएच-7 के पनागर व बरगी क्षेत्र में में हुए।

criminals uncontrolled in Jabalpur
IMAGE CREDIT: net

बेखौफ बदमाश
पुलिस के कमजोर इकबाल का उदाहरण मदन महल और तिलवारा क्षेत्र में हुई लूट की वारदात से लगा सकते है। मदनमहल थाने से चंद कदम दूर अलसुबह चार बदमाशों ने घर में घुसकर वृद्धा से लूट की। तो तिलवारा में सब्जी दुकानदार से लूटपाट कर फिरौती की रकम वसूलने घर तक बदमाश पहुंच गया। कोतवाली थाना क्षेत्र में रंजिश पर कार सवार युवकों ने फायरिंग कर दहशत फैलाई। पनागर में दो बदमाशों ने चाकू की नोक पर प्लम्बर की बाइक, मोबाइल और पैसे लूट लिए। लूट की एक अन्य वारदात कोतवाली में हुई। बदमाश ने डेंटल क्लीनिक के कर्मी से लूट की।
एक्सपर्ट व्यू
समाज में सकारात्मक व नकारात्मक पक्ष हमेशा से रहा है, लेकिन 1990 से यह ट्रेंड बदला है। गरीबी के साथ आधुनीकीकरण बढ़ा तो हर कोई महत्वाकांक्षी होने लगा। इससे लोगों में सामाजिक भाव समाप्त होने लगा। वैल्यू में गिरावट आ रही है। लोगों का लाइफ कल्चर फिल्मों की तरह आभासी दुनिया में रहने का बढ़ता जा रहा है। उपभोक्तावादी संस्कृति ने सारे वैल्यू समाप्त कर दिए। अब तो डबल इनकम नो किड्स का कल्चर हावी हो रहा है। लोगों में सहनशीलता खत्म हो गई है। भीड़ और परिवार में भी लोग अकेले हो गए हैं। इसकी वजह से पहले तनाव फिर हताशा में जहां लोग आत्महत्याएं कर रहे हैं, वहीं शौक पूरा करने के लिए युवा अपराध की ओर मुड़ रहे हैं।
प्रो. ध्रुव दीक्षित, समाजशास्त्री

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santosh singh Reporting
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