
UP Weather update
जबलपुर. शहर में शुक्रवार को आसमान में काले बादल छाए रहे। मौसम में परिवर्तन के बीच दिन में भी शहर धुंध की आगोश में रहा। पूरे दिन सूर्य देवता की झलक तक नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय दो ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसमें ए पश्चिम मध्यप्रदेश और दूसरी दक्षिण पूर्वी मप्र तक असर कर रही है। दक्ष्ज्ञिणी अरब सागर में चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से आसपास के जिलों में कहीं-कहीं बूंदबांदी हुई है। नमी भरी हवा आने के काले बादल बने रहने से तापमान में गिरावट आयी है। अभी एक-दो दिन मौसम ऐसा अनमाना सा बना रह सकता है। शनिवार को सम्भाग सहित शहर में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बौछार पडऩे की सम्भावना है। 22 नवंबर तक हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके बाद हवा का रुख उत्तरी होने के साथ ठंड बढ़ जाएगी। आने वाले दिनों में बादल छंटने पर पारा तेजी से लुढक़ेगा। कड़ाके वाली सर्दी पड़ेगी।
दोपहर में भी रोशनी कम होने के साथ ही शाम को जल्दी अंधेरा छा गया। आसपास के जिलों में बूंदाबांदी के बीच ठंडी हवा के झौंके आए। नमी भरी हवा के साथ पहाड़ी राज्यों की ओर से आयी मिश्रित हवा ने मौसम में ठंडक घोली। पारा लुढकऩे के साथ सुबह-शाम के तापमान के बीच अंतर घटकर काफी कम रह गया। इससे दोपहर बाद से हल्की ठंड महसूस होने लगी। रात को हवा सर्द महसूस होने से फिर ठंड की वापिसी हुई है।
सामान्य से नीचे आया तापमान-
हवा में ठंड घुलने के साथ ही गुरुवार तक सामान्य से ऊपर चल रहा पारा शुक्रवार को लुढक़-कर सामान्य से नीचे पहुंच गया। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस था। यह सामान्य से तीन डिग्री सी ज्यादा था। न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा 19.4 डिग्री सी रेकॉर्ड हुआ। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री सी की गिरावट आयीं। यह 26.2 डिग्री सी रेकॉर्ड हुआ। सामान्य से दो डिग्री सी कम बना रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सी ज्यादा 20 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। आद्र्रता सुबह के समय 91 प्रतिशत और शाम के समय 69 प्रतिशत थीं। उत्तर-पूर्वी हवा दो किमी प्रतिघंटा की गति से चलीं।
Updated on:
20 Nov 2020 08:17 pm
Published on:
20 Nov 2020 08:17 pm
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