
Dam ready on Kulhar river, drought of Kundam will end
जबलपुर। पथरीली जमीन और जलसंकट से जूझ रहे कुंडम का सूखा अब खत्म होने वाला है। बरसात के सीजन में खरीफ की फसल पर निर्भर रहने वाले किसान शहपुरा और पाटन के किसानों की तरह रबी सीजन से लेकर तीसरी फसल भी उगा सकेंगे। दरगढ़ के पास कुल्हार नदी पर बांध बनकर तैयार हो गया है।
वर्ष 2016 में शुरू हुआ था काम
वर्ष 2016 में 65.95 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण शुरू हुआ था। इस बांध से 2600 हेक्टेयर जमीन ङ्क्षसचित होगी। तालाब से जबलपुर के 12 व मंडला जिले के 2 गांव को पानी मिलेगा। दरगढ़ बांध लबालब भर गया है, 37.35 करोड़ से बांध की नहर के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। भूअर्जन और मुआवजा वितरण का काम पहले ही हो चुका है। जानकारी के अनुसार इस बांध की विशेषता यह है कि यहां का पानी प्राकृतिक रूप से बहता है। पानी खेतों तक प्रवाहित होता है।
कुटकी पर थे निर्भर
कुंडम में जलसंकट होने के कारण क्षेत्र के किसान कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज की खेती पर निर्भर थे। ङ्क्षसचाई के लिए दरगढ़ से भरपूर पानी मिलने पर धान के साथ गेहूं की फसल भी ली जा सकेगी। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस बांध की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां का पानी प्राकृतिक रूप से बहता है। पानी को खेतों तक ले जाने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती है।
तीन और छोटे बांधों से 114 गांव को मिलेगा पानी
कुंडम क्षेत्र को छीताखुदरी, हिरन व बघराजी बांध से भी पानी मिलेगा। इन छोटे-छोटे बांध से 114 गांवों में खेती ङ्क्षसचित होगी। इन बांधों से खेतों में पानी पहुंचाने 2024 तक 25 हजार किलो मीटर की नहर का निर्माण किया जाएगा।
Published on:
01 Jan 2023 06:23 pm
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