
मध्यप्रदेश में उपराजधानी बनाने की मांग तेजी से उठ रही है। जिसको लेकर कई संगठनों ने लगातार घंटो तक प्रदर्शन किया है। लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि हमारे शहर के साथ बेहद अन्याय हुआ है। इसके साथ ही सीएम को जिला प्रशासन के नाम से ज्ञापन भी सौंपा गया है। तो आइए जानते है एमपी के किस शहर को उपराजधानी बनाने की मांग तेजी से उठ रही है।
एमपी की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर को उप राजधानी बनाने की मांग उठने लगी है। इस मांग को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, वरिष्ठ नागरिक संगठन, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, पेंशनर समाज सहित अन्य संगठनों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन किया है। इसी दौरान नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच कहना है कि जबलपुर का हक लगातार छीना जा रहा है। जब राज्य पुनर्गठन समिति बनाई गई थी तब जबलपुर को राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन राजनीतिक षड्यंत्रों के कारण जबलपुर को राजधानी बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था। इसके बाद भोपाल को राजधानी बनाई गई। हालांकि, इसके बदले में जबलपुर को हाईकोर्ट दिया गया। लेकिन हाई कोर्ट का भी विखंडन कर दिया गया। यहां तक की विद्युत मंडल का भी विखंडन कर दिया गया।
जबलपुर के साथ हुआ अन्याय
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कहा कि सरकार ने बिजली कंपनियों के मुख्यालय यहां से हटा दिए। इसके बाद स्थिति यह है कि जबलपुर न तो राजधानी है और न ही न्यायधानी है और न ही विद्युत्धानी है। शहर के साथ बेहद अन्याय हुआ है। ऐसे ही नागपुर के साथ भी ऐसा ही भेदभाव किया गया था। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने उप राजधानी का दर्जा देकर वहां विधानसभा का सत्र का आयोजित किया गया। हमारी मांग यही है कि जबलपुर को भी उप राजधानी का दर्जा दिया जाए और यहां पर विधानसभा सत्र आयोजित किया जाए।
Updated on:
09 Feb 2024 07:27 pm
Published on:
09 Feb 2024 07:26 pm
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