
digvijay takes serious charge against CM Shivraj Singh
जबलपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह ने व्यापमं घोटाला, प्रदेश में चल रहे रेत के अवैध उत्खनन, पोषण आहार में सीधे रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार की संलिप्तता का आरोप लगाया है। एकता यात्रा लेकर जबलपुर आए दिग्विजय ने रविवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि इ-टेंडरिंग की गड़बड़ी में भारतीय जनता पार्टी के लोग शामिल हैं। उन्होंने चुनौती कि इन आरोपों को लेकर यदि अदालत में मुकादमा दायर किया जाता है तो वह प्रमाण भी पेश कर देंगे।
सीएम ने मुझे देशद्रोही कहा
प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें देशद्रोही कह दिया। मुझे आश्चर्य हुआ कि संवैधानिक पद पर बैठा कोई व्यक्ति बेबुनियाद आरोप कैसे लगा सकता है। इसलिए मैं थाने में गिरफ्तारी दी लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल और भाजपा आइटी सेल आइएसआई के लिए पैसा लेकर जासूसी की। उन पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई।
केन्द्र सरकार पर ये आरोप
उन्होंने केन्द्र सरकार पर राफेल एयरक्राफ्ट की खरीदी डील में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कहा कि यह डील यूपीए के शासन में हुई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस डील को निरस्त कर दिया। यही नहीं रक्षामंत्री, केबिनेट, सुरक्षा को बताए बगैर। इससे 550 करोड़ का एयरक्राफ्ट 1600 करोड़ में लिया जा रहा है। इसी तरह जोजीला टनल की खुदाई के लिए टेंडर निकाले गए। केवल एक टेंडर आया। सरकार ने कंपनी को 10 हजार 500 करोड़ में टेंडर मंजूर कर लिया। मैने प्रधानमंत्री मोदी और सीवीसी को पत्र लिखा। जांच हुई तब यह टेंडर 4, 880 करोड़ में हुआ।
मंत्री के इशारे पर खनन
जबलपुर के संबंध में उनका कहना था कि केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत यहां के लिए 4000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। अभी तक केवल 100 करोड़ दिए गए, उसमें भी 70 करोड़ खर्च हो पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध रेत का उत्खनन बढ़ा है। नरसिंहपुर और जबलपुर में एक मंत्री और विधायक के इशारे पर यह काम हो रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार गरीबों का बिजली बिल माफ कर रही है तो वह 2004 से करे। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री सरकारी खर्च पर जनआशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। वह रथ पर चल रहे और आशीर्वाद देने वाला नीचे हैं।
एमआईसीसी पर यह बोले
समन्वय समिति के संबंध में उनका कहना था कि उसका काम कांग्रेसियों में समन्वय बनाना है। यह काम काफी हद तक हो चुका है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि वह प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। व्यापम के विषय में उनका कहना था कि कई लोगों को सजा मिल चुकी। उन्होंने बताया कि नामों को लेकर टेम्परिंग हुई थी, यह आरोप आज भी लगा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसर देने वह एआइसीसी में अपनी मनमर्जी से बाहर हुए। उन्हें किसी ने बाहर नहीं किया। इस दौरान रामेश्वर नीखरा, दिनेश यादव, नीलेश अवस्थी, राजा पांडे और समन्यवय समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
05 Aug 2018 09:03 pm
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