27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तांत्रिकों के लिए फेमस है MP का ये जिला, यहां जादू-टोने से जिंदा होते हैं इंसान !

यहां लोग भूत बाधा दूर करने से लेकर किसी इंसान को जिंदा करने तक के लिए तांत्रिकों की खोखली बातों में यकीन करते हैं।

2 min read
Google source verification

image

Abha Sen

Jul 19, 2016

mandla

mandla

आभा सेन@जबलपुर. वैसे तो तंत्र-मंत्र और भूत प्रेतों की बातें हमारे लिए नयी नही हैं। भारतदेश में आज भी ऐसे बहुत से स्थान हैं जहां तंत्र-मंत्र को सर्वोपरी रखा और माना जाता है। यहां लोग भूत बाधा दूर करने से लेकर किसी इंसान को जिंदा करने तक के लिए तांत्रिकों की खोखली बातों में यकीन करते हैं। एक ऐसा ही स्थान है मध्यप्रदेश का मंडला जिला। जो तंत्र-मंत्र सहित जादू टोने की ऐसी अनेक क्रियाओं के लिए भी प्रसिद्ध है जो शायद कभी आपने सुनी भी नही होंगी।

दरअसल, मंडला जिले में आदिवासियों के विभिन्न समुदायों की संख्या अधिक है। यहां गोंड, भील सहित बैगा भी बहुतायत निवास करते हैं। जो कि अब भी पिछड़ा हुआ जीवन जी रहे हैं। पुरातन परंपराओं में यकीन करने वाले इन लोगों में तंत्र-मंत्र को लेकर कई तरह की भ्रांतियां पली हुई हैं। जो कि इन्हें डॉक्टर्स की बजाए गुनियों (झांड़ फूंक करने वाले) के पास पहुंचा देती है।


इन विद्याओं के तांत्रिक
बताया जाता है कि मंडला जिले में सोदनी विद्या, गोंडनी विद्या सहित कई तरह की ऐसी-ऐसी तांत्रिक विद्याओं के महारथी निवास करते हैं। जो संसार के किसी भी रोग को पल भर में दूर कर सकते हैं। यही नही किसी भी तरह का प्रेत इनकी आंखों से बचकर नही निकल सकता। मंडला जिले के बारे में इस तरह की बातें बरसों से प्रचलित हैं। यह भी एक वजह है कि यहां तांत्रिकों का बोलबाला है। और तंत्र-मंत्र, गुनियों के लिए ये प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है।

mandla

आसानी से फंस जाते हैं
जिले में पिछड़ापन आसानी से देखने मिलता है। यहां रहने वाले लोग आज भी आधुनिक दुनिया से पूरी तरह परिचित नही हैं। यही वजह है कि यहां ये आसानी से गुनियों के चक्कर में फंस जाते हैं। इसका सर्वाधिक दिल दहला देने वाला मामला तब सामने आया जब 30 दिसंबर 2015 को जिला चिकित्सालय में सर्पदंश से पीडि़त महिला सिया बाई की मौत हो गई। जिसे जिंदा करने के लिये जबलपुर जिले के बरेला से तांत्रिक बुलाया गया और मॉर्चुरी में रखे शव के साथ अंधविश्वास की सारी हदें पार की गईं। 8 दिसंबर 2014 को एक परिवार की दो महिलाओं को एक तांत्रिक ने सोदन बताया और पूरे परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया।


गवां देते हैं जान
कंबल बाबा का खेल तो प्रसिद्धि की सारी हदें पार कर चुका था। टांगर बाबा का खेल भी जमकर यहां चला। कई छोटे-मोटे गुनिया तो आमतौर यहां टीबी, सर्पदंश, टायफाइड, ज्वाइंडिस का इलाज चलते-फिरते करते नजर आते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में लोग अपनी जान गवां बैठते हैं।


स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
हाल ही में सामने आए नदी में डुबाकर कैंसर का इलाज मामले में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने जांच के निर्देश देते हुए मंडला और डिंडौरी में ज्वाइंट डायरेक्टर को तुरंत पहुंचने के लिए निर्देशित कर दिया था। यहां का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को जमीनी हालात की सही रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी कहा गया है।

ये भी पढ़ें

image