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सूखा सावन: तो ठंड में ही पानी को तरस जाएंगे लोग, बरगी डेम में कर हो रहा पानी

पहले जून और अब जुलाई का महीना लगभग सूखा बीताकैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने से कम हुआ बरगी बांध का जलस्तर  

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bargi dam gate open

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जबलपुर। बादलों की मौजूदगी के बावजूद जिले में बारिश का इंतजार बढ़ता जा रहा है। पहले जून और अब जुलाई का महीना लगभग सूखा बीत गया। जुलाई में बारिश हुई भी तो नाममात्र की। यही स्थिति बरगी डैम के कैचमेंट एरिया की है। कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने से डैम का जलस्तर पिछले साल की तुलना में 15 सेमी कम हो गया है। जबकि पिछले साल जुलाई में झमाझम बारिश के कारण बरगी बांध के गेट खोलने पड़े थे। जुलाई 2019 में बरगी डैम का जलस्तर 415.35 मीटर था। इस साल यह 15 सेमी कम 415.20 मीटर है। वर्ष 2015 और 2017 में बरगी डैम के कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई थी। इसलिए इन दोनों वर्षों में बरगी बांध के गेट नहीं खोले गए थे। इस साल भी अभी तक गेट नहीं खोले गए हैं।

इधर, दिनभर काले-घने बादल छाए रहे, पर बरसे नहीं

शहर में बुधवार को दिनभर काले घने बादल छाए रहे। लेकिन, देर रात तक बरसे नहीं। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के दो सिस्टम बने हैं, जिनसे अगले दो दिनों में बारिश की कुछ उम्मीद है। इस वर्ष जुलाई माह में औसत से आधी बारिश भी नहीं हुई है।
मौसम कार्यालय के अनुसार बुधवार को 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसे मिलाकर सीजन की कुल बारिश 268.9 मिमी (लगभग 10.5 इंच) पर पहुंच गई है। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह की आद्र्रता 87 प्रतिशत और शाम की आद्र्रता 88 प्रतिशत रही। उत्तर-पूर्वी हवा की गति दो किमी प्रतिघंटा रही।
दो नए सिस्टम से उम्मीद- मौसम कार्यालय के अनुसार बारिश के दो नए सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं। राजस्थान के ऊपर चक्रवात सक्रिय है। उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर भी कम दवाब का क्षेत्र निर्मित हो रहा है। जिससे अगले 48 घंटों के दौरान सम्भाग के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।