5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विषैला खाना खाने से एकलव्य विद्यालय के एक सैकड़ा बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती – देखें वीडियो

रात में एक साथ इतने बच्चों की हालत बिगडऩे से मची अफरा-तफरी  

2 min read
Google source verification
Eklavya Vidyalaya students

Eklavya Vidyalaya students

जबलपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के एक सैकड़ा से अधिक बच्चों के एक साथ बीमार पड़ जाने से हडक़ंप मच गया। सभी को पेट दर्द के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। आशंका है कि उन्हें विषाक्त भोजन से यह समस्या उत्पन्न हुई। इन बच्चों को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीमार बच्चे कक्षा छठवीं से 11वीं तक के छात्र-छात्रा हैं। प्रशासन का दावा है कि बच्चों की स्थिति स्थिर है।

जानकारी के अनुसार रामपुर छापर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में 450 बच्चे रहते हैं। इनमें छात्र और छात्रा शामिल हैं। सोमवार की रात खाने में चावल, दाल, रोटी के साथ कटहल की सब्जी बनी थी। सभी बच्चों ने एक साथ ही बैठकर खाना खाया था। इसके कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगडऩे लगी। सबसे पहले पेट दर्द की शिकायत हुई फिर उल्टी-दस्त लगने लगे। इससे बच्चे दहशत में आ गए। विद्यालय के स्टाफ ने अधिकारियों को सूचना दी और पास-पड़ोस के लोगों को मदद के लिए बुलाया। बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए स्थानीय लोग कार से उन्हें अस्पताल लेकर भागे। वहीं, एंबुलेंस बुलाया गया। बीमार बच्चों की संख्या 100 से ऊपर बताई जा रही है।

अस्पतालों में अफरा-तफरी
इतनी बड़ी संख्या में बीमार बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों ने आकस्मिक चिकित्सा विभाग में ही दवाएं देकर सामान्य किया फिर वार्ड में भेजा। बताया गया है कि 35 बच्चों को विक्टोरिया लाया गया था, इनमें तीन की हालत गंभीर होने के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि 35 बच्चे पहले से ही वहां भर्ती थे। दो दर्जन बच्चों को निजी अस्पतालों में ले जाया गया था।

खाने के जुटाए सैंपल
उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ संजय मिश्रा ने बताया कि 101 बच्चों को उपचार सुविधा दी गई है। इनमें सभी की हालत स्थिर है। खाना विषाक्त होने की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा की टीम को भेजकर खाने का सैंपल जुटाया गया है। जिसकी जांच कराई जाएगी। हालांकि विद्यालय प्रबंधन अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि आखिर इतने बच्चे एक साथ कैसे बीमार हो गए।

जूनियर डॉक्टरों को बुलाया
इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल आने से स्थिति को संभालने के लिए प्रबंधन ने जूनियर डॉक्टरों को बुलाया। विक्टोरिया अस्पताल में कुछ बच्चों को बेड पर लिटाया गया तो वहीं कुछ बच्चों को चेयर पर ही बैठाकर ग्लूकोज की बॉटल लगाई गई। कुछ बच्चों को सर्जरी वार्ड तो कुछ को हड्डी वार्ड में शिफ्ट किया गया। बच्चों के बीमार होने की सूचना पर उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक विनय सक्सेना अस्पताल पहुंचे और इलाज की जानकारी ली। वहीं, एसडीएम पंकज मिश्रा अमले के साथ विक्टोरिया और मेडिकल अस्पताल पहुंचे।

फूड प्वाईजनिंग के चलते बच्चे बीमार हुए हैं। सभी का समुचित इलाज अस्पतालों में कराया जा रहा है। कोई भी गंभीर नहीं है। फूड प्वाईजनिंग के कारणों की जांच की जा रही है।
- पंकज मिश्रा, एसडीएम गोरखपुर

प्रथमदृष्टया फूड प्वाइजनिंग का केस ही लग रहा है। अब तक 101 बच्चे विभिन्न अस्पतालों में लाए गए हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। सभी की हालत ठीक है। जांच के लिए भोजन के सैंपल जुटाए गए हैं।
डॉ संजय मिश्रा, उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं