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बिजली बिल घोटाला:  छानबीन में हो रहे चौंकाने वाले खुलासे

ढाई साल पहले तकनीकी कर्मचारी संघ ने अफसरों को सौंपा था पत्र

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Reetesh Pyasi

Jul 17, 2017

electricity bill

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जबलपुर। पूर्व क्षेत्र कंपनी के बिजली बिल घोटाले की परत मोटी है। छानबीन के साथ ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ढाई साल पहले तकनीकी कर्मचारी संघ की तरफ से घोटाले के बारे में कार्यपालन अभियंता, अधीक्षण यंत्री को पत्र दिए गए थे। ठेके पर रखे गए कम्प्यूटर कर्मियों को हटाकर संविदा या नियमित कर्मियों को रखने का सुझाव था, लेकिन अधिकारियों ने शिकायत को नजरअंदाज कर दिया था।
तकनीकी कर्मचारी संघ की तरफ से 12 नवम्बर 2014 को अधीक्षण यंत्री और पूर्व सम्भाग के कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपकर घोटाले को लेकर आगाह किया गया था। सबूत के तौर पर बिल भी दिखाए थे, जिसमें 50 हजार के बिल को सुधार के बाद 200 रुपए कर दिया गया था। दूसरी शिकायत 24 जून 2016 को पूर्व सम्भाग के कार्यपालन अभियंता से की गई। उसमें कम्प्यूटर पर राजस्व का काम देख रहे ठेका श्रमिकों को अलग करने की मांग की गई थी। पूर्व सम्भाग में लाइनमैन व अन्य स्टाफ के लिए शिकायत पुस्तिका रखी गई थी। इसमें भी बिल घोटाले के बारे में उल्लेख था।

ये है मामला
कछियाना फीडर से जुड़े उपभोक्ता शेख अलीम के नौ हजार के बिजली बिल में बिना किसी ठोस कारण के पांच हजार रुपए कम किए जाने के प्रकरण की जांच में इस घोटाले का खुलासा हुआ। पूर्व सम्भाग के डीई शरद बिसेन ने जांच की तो पाया कि एई तपन कुमार सरकेल की आईडी का उपयोग कर कम्प्यूटर ऑपरेटर आकाश मिश्रा, कुछ मीटर वाचकों और अन्य कर्मियों के साथ मिलीभगत कर लोगों के बिल कम कर देता था।

मीटर वाचक लाता था ग्राहक
पूर्व सम्भाग के कछियाना में तैनात साइसन कंपनी के कम्प्यूटर ऑपरेटर आकाश मिश्रा के पास मीटर वाचक मोहम्मद आरिफ बिल कम कराने वाले ग्राहकों को लाता था। थाने को भेजे गए शिकायत पत्र में मीटर वाचक को भी आरोपित बनाया गया है।

30-40 प्रतिशत में समझौता
सूत्रों के मुताबिक छानबीन में सामने आया है कि पांच हजार बिल कम करने के एवज में उपभोक्ता से 15 से दो हजार रुपए लिए जाते थे। सिटी सर्किल के पांचों सम्भाग के तीन लाख उपभोक्ताओं की हर महीने की बिलिंग लगभग 40 करोड़ होती है। औसतन हर महीने 40 लाख रुपए का बिल एडजस्ट किया जाता है। इसमें आठ से 10 लाख रुपए हर महीने कंपनी के बजाय घोटाले में शामिल आरोपितों की जेब में जा रहा था।

मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ विभागीय जांच भी कराई जा रही है। इस घोटाले में शामिल सभी आरोपितों पर सख्त कार्रवाई होगी।
एके पांडे, चीफ इंजीनियर, जबलपुर रीजन