
Cancer Prevention (image- gemini)
Cancer Prevention: आज के समय की जानलेवा बीमारियों में सबसे पहला नाम कैंसर का आता है। अब कैंसर कितना खतरनाक है यह तो हमें पता चल ही रहा है, लेकिन इसके कारण क्या-क्या हो सकते हैं? और इससे कैसे बचें यह समझना हम सबके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है क्योंकि आज घर में रखी हुई चीजें जिन्हें हम कई सालों से प्रयोग कर रहे हैं, उनसे भी कैंसर होने का खतरा बढ़ रहा है।
इस कश्मकश में हम यह तय ही नहीं कर पाते कि कौन सी चीज हमारे लिए सही है और कौन सी गलत। यही हाल तंबाकू, शराब और सिगरेट का है कि किससे कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है। आइए कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा के अनुसार जानते हैं इन तीनों में से कौन सबसे ज्यादा कैंसर को बढ़ावा देता है और कौन से नशे से कौन सा कैंसर होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू से सभी नशों में सबसे ज्यादा कैंसर का खतरा होता है।
तंबाकू और सिगरेट (सबसे बड़ा खतरा)- कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार नशीले पदार्थों में कैंसर का सबसे बड़ा खतरा तंबाकू से होता है। खासतौर पर जो लोग इसे अपने मुंह में लंबे समय तक दबाकर रखते हैं, उनको सबसे ज्यादा कैंसर होने का खतरा होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार सिगरेट में 7000 से अधिक रसायन होते हैं जिसमें 70 सीधे तौर पर कैंसर का कारक होते हैं। यह फेफड़ों के कैंसर के अलावा मुंह, गले, अन्नप्रणाली (Food Pipe) और मूत्राशय के कैंसर को बढ़ाने का काम करता है।
शराब (Alcohol)- शराब में भी सीधे तौर पर कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व होते हैं। शराब के सेवन से लिवर, ब्रेस्ट, कोलन (आंत) और गले के कैंसर का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है। शराब शरीर में जाकर एसिटाल्डेहाइड में बदल जाती है, जो हमारे DNA को नुकसान पहुंचाता है।
आंकड़ों के अनुसार फेफड़ों के कैंसर से होने वाली 10 में से 9 मौतों का कारण सिगरेट और तंबाकू का सेवन होता है। मुंह के कैंसर के मामलों में तो भारत दुनिया की राजधानी बन चुका है। इसका मुख्य कारण खैनी, गुटखा और तंबाकू का सेवन है। यह न केवल व्यक्ति की जान लेता है, बल्कि इलाज के दौरान परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से भी तोड़ देता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
19 Jan 2026 12:38 pm
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