नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को अध्ययन के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ा जाना है। इसके लिए स्नातक स्तर पर नव प्रवेशित छात्रों की माइनर, मेजर सब्जेक्ट के साथ ही इलेक्टिव सब्जेक्ट की पढ़ाई शुरू कराई गई है।
जबलपुर। कॉलेज छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान ही पैरों पर खड़ा किया जाएगा। उन्हें इसके लिए ट्रेङ्क्षनग दी जाएगी। वहीं छात्रों के आइडिया को उनके मुकाम तक पहुंचाने के लिए मदद भी की जाएगी। युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए कॉलेज स्तर पर ही इन्क्यूबेशन सेंटर खोलने की तैयारी हो रही है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को अध्ययन के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ा जाना है। इसके लिए स्नातक स्तर पर नव प्रवेशित छात्रों की माइनर, मेजर सब्जेक्ट के साथ ही इलेक्टिव सब्जेक्ट की पढ़ाई शुरू कराई गई है।
चार कॉलेजों में होगी शुरुआत
इन्क्यूबेशन सेंटर फिलहाल जिले के चार कॉलेजों में शुरू किए जाएंगे। इसमें शासकीय ऑटोनॉमस मानकुंवर बाई कन्या महिला महाविद्यालय, शासकीय ऑटोनॉमस होमसाइंस कॉलेज, शासकीय ऑटोनॉमस कला एवं वाणिज्य महाकोशल कॉलेज एवं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय पचपेढ़ी को शामिल किया गया है। इनमें छात्र-छात्राओं की संख्या में 12 हजार है। इनमें फेसिलेङ्क्षटग सुविधाएं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- विशेषज्ञों का होगा पैनल
- छात्रों के आइडिया को किया जाएगा प्रमोट
- फंड उपलब्ध कराने में मिलेगी मदद
- इन्वेस्टर्स से कराया जाएगा सम्पर्क
- प्रमोशन से लेकर मार्केङ्क्षटग तक
- कम्पनियों से मिलाने में मदद
- एक ही जगह सेंटर होने से जुड़ेंगे छात्र
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत छात्रों को आत्म निर्भर बनाना आवश्यक किया गया है। अभी तक विवि स्तर पर हाल के वर्षों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थिापत किया गया है। अब कॉलेज स्तर पर इसकी शुरूआत की जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पैरों पर खड़ा किया जा सके।
प्रोफेसर कपिलदेव मिश्र, कुलपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय