
Madhotal Talab
जबलपुर। एक तरफ केन्द्र और प्रदेश सरकारें कुओं, तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए लगी हुई हैं, वहीं जबलपुर में तालाबों को पूरकर वहां कांक्रीट का जंगल खड़ा किया जा रहा है। यही वजह है कि जिम्मेदारों की अनदेखी और माफिया की मनमर्जी के आगे यहां का समृद्ध जल संरक्षण की संरचना समाप्त होने लगी है। जो तालाब तलैया बचे हैं वे भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी में नाम आता है माढ़ोताल तालाब का। जहां अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। खबरें सामने आने के बाद जिम्मेदारों ने सुध ली और अब वहां कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर निगम के सहयोग से माढ़ोताल तालाब की भूमि पर किये गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। एस डी एम आधारताल नम: शिवाय अरजरिया के अनुसार तालाब मद की करीब 40 एकड़ इस भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि आईएसबीटी से लगी इस भूमि की बाजार मूल्य 7 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 280 करोड़ रुपये के लगभग है।
एसडीएम आधारताल अरजरिया के अनुसार माढ़ोताल तालाब की इलाहाबाद निवासी पुरुषोत्तम टंडन का फर्जी मुख्तयार नामा लेकर भू-माफिया मकसूद एवं राजेश तिवारी द्वारा कई लोगों को तालाब की इस भूमि की प्लाटिंग कर प्लाट बेचे जाने की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। उन्होंने बताया था कि शिकायतों की जांच के बाद इन दोनों के विरुद्ध हाल ही में एफआईआर दर्ज कराई गई थी । अरजरिया ने बताया कि कार्यवाही के दौरान तालाब की भूमि पर बने बारातघर को भी ध्वस्त करने की कार्यवाही की जाएगी ।
Published on:
28 Apr 2022 01:59 pm

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