14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर स्कूलों में होंगी दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं

परिणाम सुधारने की कवायद : स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

2 min read
Google source verification
UP Board Exam Demo Pic

UP Board Exam Demo Pic

जबलपुर. बोर्ड परीक्षा का परिणाम सुधारने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की तर्ज पर अब माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्कूलों में भी 10वीं और 12वीं कक्षाओं में दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं होंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस सम्बंध में स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन जनवरी और फरवरी महीने के पहले सप्ताह में किया जाएगा। अभी तक स्कूलों में एक प्री-बोर्ड परीक्षा होती थी। शिक्षा विभाग की ओर से दोनों प्री-बोर्ड परीक्षा की समयसीमा निर्धारित करने से हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में दहशत की स्थिति है। अधिकतर स्कूलों में अभी 30 प्रतिशत कोर्स अधूरा है। कुछ स्कूलों में रिवीजन ही शुरू नहीं हुआ।
रविवार को नहीं लग रहीं कक्षाएं - स्कूल शिक्षा विभाग ने कोर्स पूरा कराने के लिए रविवार को भी कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए थे। प्रतिदिन एक-दो घंटे अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के लिए भी कहा गया था। लेकिन अधिकतर स्कूलों में निर्देशों पर अमल नहीं हुआ।
यहां तीन प्री-बोर्ड की तैयारी
शासकीय उत्कृष्ट मॉडल स्कूल में तीन प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराने की तैयारी चल रही है। स्कूल प्रबंधन जनवरी में दो प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। तीसरी प्री-बोर्ड परीक्षा फरवरी में होगी। परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर दो प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन कराता है।
ये है स्थिति
01-07 जनवरी तक होगी पहली प्री-बोर्ड परीक्षा
01-07 फरवरी तक दूसरी प्री-बोर्ड परीक्षा
293 हाई, हायर सेकंडरी शासकीय स्कूल हैं जिले में
40 हजार छात्र (लगभग) अध्ययनरत
30 फीसदी कोर्स अभी भी अधूरा


प्री-बोर्ड परीक्षा मुख्य परीक्षा की तैयारी है, जिससे छात्रों का डर दूर हो सके। स्कूल प्रबंधन तीन प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने जा रहा है।
वीणा वाजपेयी, प्राचार्य, उत्कृष्ट मॉडल स्कूल
बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए इस वर्ष से दो प्री-बोर्ड कराने के निर्देश दिए गए हैं। अवकाश के दिनों में कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो डीईओ से जानकारी लेंगे।
जयश्री कियावत, आयुक्त, लोक शिक्षण