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कुंभ 2019: यहां मौजूद है हर वो जानकारी जो आप जानना चाहते हैं,क्लिक करें अभी

कुंभ 2019: यहां मौजूद है हर वो जानकारी जो आप जानना चाहते हैं,क्लिक करें अभी

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कर्नाटक सरकार के पास महाकुंभ में गए लोगोंं की जानकारी नहीं

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जबलपुर. प्रयागराज में आरंभ हो चुके कुंभ मेले में स्नान का पुण्यलाभ लेने के लिए संस्कारधानी के श्रद्धालुओं की कदम-कदम पर मदद करने को प्रशासनिक व अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं। प्रयागराज जाने के लिए एक ओर जहां विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रयागराज पहुंचते ही ठहरने व अन्य सुविधाओं के लिए भी प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम कर रखे हैं। किसी भी तीर्थयात्री को कोई असुविधा न हो, इसके लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ जीआरपी व मेला प्रशासन ने भी अपने कंट्रोल रूम बनाए हैं। इसके अलावा कुंभ मेला एप्प व हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी श्रद्धालुओं को जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

news facts

कुंभ पर विशेष: संतों के पंडालों में भी जबलपुर के श्रद्धालुओं के रुकने सुविधा, 15 ट्रेनें चलेंगी
संस्कारधानी से प्रयागराज तक हर कदम पर मदद को मुस्तैद...
मेला ऐप व हेल्पलाइन दूर करेंगे दिक्कत

ऐसे जाएं मेला स्थल
प्रयागराज स्टेशन पहुंचने के बाद स्टेशन के बाहर या समीपी बस स्टैंड से ही मेलास्थल जाने के लिए नि:शुल्क बस सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा स्थानीय निजी वाहन भी यहीं से भी मिलते हैं। जबलपुर से जाने वाले तीर्थयात्रियों को प्रयागराज से नैनी तक यह सुविधा मिलेगी। वहां से मेलास्थल तक करीब 2-3 किमी दूर पैदल या ई-रिक्शे से पहुंचा जा सकता है। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के समीप ही कई रैनबसेरा व विश्रामगृह भी हैं, जहां यात्री प्रतिघंटे के हिसाब से किराया देकर कुछ देर विश्राम व अन्य दैनिक क्रियाओं से निवृत्त हो सकते हैं।

संस्कारधानी के संतों और महामंडलेश्वर के अखाड़े व शिविर
कुंभ मेले में संस्कारधानी के संत भी शामिल हो रहे हैं। इनमें शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती व महामंडलेश्वर डॉ. श्यामदेवाचार्य प्रमुख हैं। शंकराचार्य के अखाड़े का शिविर मेला स्थल स्थित सेवर मोरी मार्ग सेक्टर 15 में बनाया गया है। डॉ. श्यामदेवाचार्य का शिविर खाक चौक सेक्टर 5 में लगेगा। दोनों शिविरों में जबलपुर के श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा पाटन से कोठी वाले महाराज का शिविर भी मेलाक्षेत्र में लगेगा, जहां जबलपुर जिले के श्रद्धालु ठहर सकते हैं।

नैनी में वाहन करना होगा पार्क
जबलपुर व रीवा-सतना सहित महाकोशल क्षेत्र की ओर से सडक़ मार्ग के जरिए वाहनों से जाने वालों को अपने वाहन नैनी में ही पार्क करने होंगे। यहां से शटल बस सेवा व ई-रिक्शा के जरिए मेलास्थल पहुंचा जा सकता है। इनका किराया 5,10 व 15 रूपए है। स्नान वाले दिन इनमें किराया नहीं लगेगा।

गेस्टहाउस व सरकारी इंतजाम भी
मेलास्थल में ठहरने के लिए सरकारी व्यवस्था भी चाक-चौबंद की गई है। मेला प्रशासन ने बड़ी संख्या में आम लोगों के लिए जनरल शेड्स बनाए हैं। ये सुविधाओं के लिहाज से आम आदमी की पहुंच में व सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा निजी टेंट भी किराए पर मिल सकते हैं। लक्जरी सुविधा वाले शेड्स, टैंट व गेस्ट हाउस की भी मेला प्रशासन ने व्यवस्था कर रखी है। इन ठिकानों की जानकारी जगह-जगह लगे पूछताछ केंद्रों में मिल सकती है।

असुविधा से बचने के टिप्स यह करें
- हल्के सामान के साथ यात्रा करें -किसी बीमारी से पीडि़त हैं, तो अपनी दवाइयां अपने साथ रखें - उन्हीं घाटों पर स्नान करें, जो मेला द्वारा प्राधिकृत हैं - उपलब्ध शौचालयों और मूत्रालयों का ही इस्तेमाल करें - डस्टबिन का इस्तेमाल करें -भटकने से बचने के लिए पथ प्रदर्शन बोर्ड का इस्तेमाल करें - अधिकृत पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें - रुकने के लिए अधिकृत स्थानों का ही इस्तेमाल करें
- संदिग्ध वस्तु दिखने पर मेला प्रशासन या पुलिस को जानकारी दें - प्रियजनों या सामान खोने की स्थिति में खोया-पाया केंद्र पर संपर्क करें

यह न करें
- मेले में आने के लिए अनावश्यक सामान, महंगे कपड़े या कीमती सामान न लाएं
- किसी भी अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें - हंगामा या भगदड़ होने पर सुरक्षित स्थान पर खड़े हो जाएं - साबुन, डिटरजेंट का इस्तेमाल या पूजा सामग्री फेंक कर नदियों को प्रदूषित न करें - किसी रोग से पीडि़त हैं, तो भीड़ वाले स्थानों पर न रुकें - मेला क्षेत्र और शहर में प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल न करें।

कुभ मेला एप्प से भी मिलेगी जानकारी
यात्रियों की सुगमता के लिए रेलवे ने एक मोबाइल एप्प लांच किया है। इस रेल कुंभ सेवा ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप में यात्रियों को सभी मेला स्पेशल ट्रेनों के बारे में जानकारी मिलेगी, जो कि पूरे कुंभ के दौरान चलेंगी। इसकी मदद से यात्री और पर्यटक अपने निकट स्थित रेलवे स्टेशन, मेला जोन, प्रमुख होटल, बस स्टैंड और शहर में मौजूद अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी मिलेगी।

शहर में भी लगे डिस्प्ले
कुंभ मेले में किसी व्यक्ति या कीमती वस्तु के खो जाने या मिलने की सूचना देने के लिए सैकड़ों की संख्या में डिजिटल खोयापाया केंद्र बनाए गए हैं।
प्रयागराज के लिए ट्रेन
मुंबई व दक्षिण भारत से वाराणसी की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें जबलपुर से प्रयागराज तक जाती हैं। दिन में लगभग 15 ट्रेनें इस रूट के लिए मौजूद हैं। इसके अलावा एक दर्जन मेला स्पेशल ट्रेनें भी हैं। प्रयागराज स्टेशन पर अतिरिक्त टिकिट काउंटर भी खोले गए हैं।