
Atal Bihari Vajpayee Health Live News Update atal bihari vajpayee health
जबलपुर .देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक है, पूरा देश उनके लिए दुआ कर रहा है। उनका व्यक्तित्व ही कुछ ऐसा है कि वे राजनैतिक शख्सियत से कई गुना ऊपर उठकर देश की धरोहर बन गए हैं। संस्कारधानी वासियों के स्मृतिa में अटलजी की ऐसी अनेक यादें हैं जो अब भी ताजा हैं। उनका जबलपुर अनेक बार आगमन हुआ। उनकी यात्राओं ने भाजपा को एक नया दर्पण प्रदान किया। राजनीति का नया पन्ना इतिहास में दर्ज हुआ और वाजपेयीजी के सहयोगियों की संख्या शहर में बढ़ती ही गई। उनके द्वारा रचित कविताएं शहर के कविता प्रेमियों को बेहद प्रिय हैं। जबलपुरवासी अटलजी की उस छवि के भी साक्षी हैं जोकि एक बेहद नेकदिल इंसान के रूप में दुनियाभर में प्रशंसित की जाती है।
सभा में आए थे पूर्व पीएम अटलजी
उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर 1999 को शहर के जाने माने नेता और पूर्व राज्य मंत्री पंडित ओंकार प्रसाद तिवारी का निधन हो गया। यह समय चुनाव का था। इसी दौरान चुनाव प्रचार की एक सभा के सिलसिले में अटलजी तिलकभूमि की तलैया आए हुए थे। उन्हें जैसे ही पं. ओंकार प्रसाद तिवारी के निधन का समाचार मिला तो वे सब कुछ छोड़ कर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए चले गए। वे सिक्युरिटी प्रोटोकॉल की तमाम बंदिशोंं को दरकिनार करके गली-कुलियों से होते हुए सीधे पूर्व मंत्री स्व. पं. तिवारी की छोटा फुहारा स्थित उनके निवास के समीप आयोजित श्रद्धांजलि सभा में चले गए। बाद में उन्होंने गैरीसन ग्राउंड में आयोजित सभा में भी पं. तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। स्व. ओंकार तिवारी से अपनी आत्मीयता का इजहार करते हुए अटल जी ने कहा था, पं. तिवारी के निधन पर मैं दुखी हूं, शहर और भाजपा ने एक दिलदार और शेर दिल नेता खो दिया है।
याद है उनका स्नेह
अटलजी ने उनके (तिवारी जी) के परिवार को सांत्वना देते हुए सदैव उनका साथ देने की बात भी कही। पंडित ओंकार तिवारी के पुत्र अनूप तिवारी कहते हैं अटलजी का स्नेह आज भी हमारी स्मृति में ताजा है। उन्होंने पितृ तुल्य बातें कहकर हम सभी को सांत्वना दी थी। इस अवसर पर अटलजी के साथ भाजपा के अनेक सदस्य भी मौजूद थे।
शहर से गहरा लगाव
इतिहासकार राजकुमार गुप्ता बताते हैं कि अटल जी को जबलपुर से खास लगाव था। भाजपा नेता पं. भगवतीधर वाजपेयी से अन्य मित्रों के यहां पर उनका अक्सर आना-जाना रहता था। उन्होंने कई बार यहां रात्रि विश्राम भी किया। उनकी यात्राओं ने भाजपा को एक नया जोश प्रदान किया। राजनीति का नया पन्ना इतिहास में दर्ज हुआ और वाजपेयी के सहयोगियों की संख्या शहर में बढ़ती ही गई।
Updated on:
16 Aug 2018 01:46 pm
Published on:
16 Aug 2018 01:42 pm
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