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यहां आधी रात को खुलता है ये विशेष बाजार, इन दुकानों में लगती है भीड़

यहां आधी रात को खुलता है ये विशेष बाजार, इन दुकानों में लगती है भीड़  

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famous night market in india

famous night market in india

जबलपुर। रात होते ही शहर के चुनिंदा चौराहे ऐसे हैं, जिन पर दुकानें खुलती हैं। दुकानें खुलने के साथ वहां लोगों का जमावड़ा भी होता है। जमावड़े के साथ ग्राहकों के वाहन सडक़ पर ही पार्क होते हैं। ऐसे हालत को एक्सपोज टीम ने कैमरे में कैद किया है, जहां पुलिस प्वाइंट होने के बाद भी उस जगह पर न तो पुलिस जवान थे और न ही सुरक्षा गार्ड। दुकानवाले बेखौफ अपनी दुकानें चला रहे थे, ऐसे में पुलिस की पेट्रोलिंग वेन भी वहां आकर खानपान में जुटी हुई थी। आधीरात चौराहों की हकीकत बयां करती पत्रिका की रिपोट...।

news facts

देर रात सडक़ पर ही पार्क कर दिए जाते हैं वाहन
सुरक्षा को लेकर बनी रहती है आशंका
इन चौराहों पर आधी रात बाद खुल जाती हैं दुकानें

शहर के अहिंसा चौक, एसबीआई चौक, दीनदयाल चौक, दमोहनाका चौक, बल्देवबाग चौराहा रात होते ही गुलजार हो जाता है। आधीरात में यहां खानपान और चाय-पान की दुकानें खुलती हैं। इन दुकानों की वजह से यहां के रेस्टॉरेंट भी खुले रहते हैं। इन जगहों पर लोगों का सतत आवागमन रहता है। सडक़ पर वाहन पार्क किया जा रहा है, जिससे रात के समय रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। कई जगहों पर आम यह था कि लोग कार में बैठकर ही दुकान वाले को आर्डर कर रहे थे और दुकान वाला आर्डर सुनकर वाहनों में खानपान पहुंचा रहा था।

पुलिस गायब -
रहवासी कॉलोनी से लगे इन चौराहों पर पुलिस के प्वाइंट तो हैं लेकिन पुलिस गायब थी। टीम ने जब वहां पूछताछ की तो लोगों का कहना था कि यहां कभी-कभी पुलिस जवान आ जाते हैं, लेकिन यहां हमेशा मौजूद नहीं रहते हैं। दीनदयाल चौक पर रात करीब डेढ़ बजे नागपुर जाने के लिए निजी बस में सवारियां बिठाई जा रही थी। सडक़ पर एक कोने में लोग आग जलाकर बैठे हुए थे लेकिन इस सार्वजनिक जगह पर पुलिस का कोई भी जवान मौजूद नहीं था।

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ये है हकीकत - रात 11 बजे के बाद शहर में दुकानें बंद करने का आदेश है। इस समय तक सभी दुकानें बंद नहीं हो पाती है। कुछ जगहों पर पुलिस द्वारा रोजाना पहुंचकर दुकानें बंद कराई जाती हैं। कुछ जगहों पर स्थिति यह है कि थाना सीमा की वजह से दुकानें खुली रहती हैं।

होता है यह : थाने की पुलिस को देखकर दुकानदार लाइट बंद करके बाहर आ जाता है। इससे वहां लोगों को इधर-उधर कर देतेा है। पुलिस जाते ही फिर दुकानदारी शुरू हो जाती है। इस दौरान सडक़ पार खुली दुकान दूसरे थाना क्षेत्र में आने की वजह से खुली रहती है। यही प्रक्रिया दूसरे थाने की पुलिस आने पर होती है।

दमोहनाका 1.00 बजे
आईएसबीटी, मिलौनीगंज और अधारताल को जोडऩे वाले इस चौराहे पर पहले क्षेत्रीय बस स्टैंड था। आईएसबीटी के बाद इसे समाप्त कर दिया गया है लेकिन यहां आधी रात के बाद खानपान की दुकानें खुल रही हैं। यहां दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ थी। दुकानदारों से रात के समय दुकान खोलने पर बातचीत की गई तो उनका कहना था...

दिन में तो आपकी दुकान नहीं लगती है?
हां, यहां जगह कहां है। रात में ही तो यहां हम दुकान लगा पाते हैं।
तो क्या इस पर पुलिस कुछ नहीं बोलती है?
पुलिस क्या बोलेगी। लोग आते हैं। जरूरत पड़ती है तो पुलिस
भी तो चाय पीने आती है।
लेकिन यहां तो रेस्टोरेंट भी खुले
हुए हैं?
हां, भैया। सब सेटिंग हैं, नहीं तो एक दुकान भी न लगे।

बल्देवबाग 12.45 बजे
रानीताल, दमोहनाका और उखरी को जोडऩे वाले इस चौक पर सडक़ के दोनों ओर दुकानें खुली हुई थी। लोग बाइक और चार पहिए में बैठकर दुकान वाले को आर्डर कर रहे थे। यहां पुलिस नहीं थी, जबकि वहां पेट्रोल पंप की ओर शराब के नशे में लोग बहसबाजी कर रहे थे।

दीनदयाल चौराहा 1.30 बजे
अंतरराज्यीय बस टर्मिनस के समीप दीनदयाल चौराहा है। इस चौराहे से रहवासी कॉलोनी लगी हुई है। चौराहे के समीप ही आईएसबीटी है। यहां सडक़ पर निजी बस ऑपरेटर अपनी बसें रवाना कर रहे हैं। रात में यहां नागपुर के लिए बस रवाना की जा रही थी। यहां सडक़ पर साइड में दुकानें खुली हुई थीं। दुकानों में सिर्फ लाइटें बंद रखी हुई थी। यहां पुलिस नहीं थी। आग तापने वाले लोगों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि पुलिस यहां नहीं रहती है। पुलिस जवान होगा तो आईएसबीटी में जाकर देखो।

एसबीआई चौराहा 1.45 बजे
रहवासी कॉलोनी से घिरे इस चौराहे के किनारे मार्केट बनाया हुआ है। यहां रात के समय चौराहे के एक किनारे दुकान खुली हुई थी। कुछ वाहन चौराहे के आसपास खड़े थे। इस जगह पर पुलिस का प्वाइंट नहीं था।

अहिंसा चौक 2.00 बजे
कचनार कॉलोनी को जोडऩे वाले इस चौराहे पर समूह में दुकानें लगाने वालों के बीच कुछ दुकानें खुली हुई थीं तो कुछ लोग दुकानें बंद कर रहे थे। इस दौरान यहां यहा वाहनों में लोग चौराहे के किनारे खड़े थे। यहां भी पुलिस नहीं थी।

पुलिस की प्वाइंट ड्यूटी थाना प्रभारी चैक करते हैं। शहर के चौराहों पर यदि स्थिति अराजक हो रही है तो मैं इसे दिखवाता हूं। प्वाइंट पर जवान होना ही चाहिए। देर रात तक खुलने वाली दुकानों पर सख्ती बरती जाएगी।
- राजेश त्रिपाठी, एएसपी (शहर)