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जबलपुर में धान घोटाला, अब तक सात अ​​धिकारी सस्पेंड

36 गोदाम भी कर दिए गए ब्लैक लिस्टेड, बिना अनुमति बना लिए थे खरीदी केंद्र  
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जबलपुर

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Gyani Prasad

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Updated: 29 Dec 2023, 12:49 PM IST

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जबलपुर. 66 करोड़ रुपए के धान घोटाले में सात अधिकारियों को संस्पेंड किया गया है। इसी प्रकार जिले के 36 गोदामों को धान के भंडारण के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। गुरुवार को मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के रीजनल मैनेजर डीके हवलदार को सस्पेंड कर दिया है। इसी प्रकार पाटन, सिहोरा, रिछाईऔर शहपुरा के वेयर हाउस शाखा प्रबंधकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

जिले के 42 गोदाम में अवैध तरीके से किसानों का धान भंडार किया गया था। यह ऐसे गोदाम हैं जिन्हें खरीदी केंद्र नहीं बनाया गया था। लेकिन किसानों को धोखे में रखकर उनका धान डंप कर लिया गया। इसी प्रकार कुछ धान व्यापारियों का होने का भी संदेह जताया गया है। इस मामले की जांच के लिए भोपाल से 10 दल जबलपुर आए थे।

80% गोदाम में धान अवैध

उन्होंने अलग-अलग गोदाम में जाकर जांच की थी तो पता चला कि 80% गोदाम में धान अवैध तरीके से भंडार किया गया। इसकी मात्रा 3 लाख क्विंटल थी। जांच दल के पहुंचने से पहले काफी माल को दूसरी जगह ठिकाने लगा दिया गया था ताकि कोई प्रमाण नहीं मिल पाए, लेकिन जांच दल के अधिकारी और सदस्यों ने किसानों के अलावा पटवारी से भी इस संबंध में जानकारी ली इसमें गड़बड़ियां सामने आई थी।

फूड कंट्रोलर और डीएमओ पहले ही सस्पेंड

धान खरीदी घोटाले में राज्य शासन के विभागों की तरफ से जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर और जिला विपणन अधिकारी रोहित सिंह बघेल को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया है। अब लगातार तीसरे दिन कार्रवाई की गई है। इसमें मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के रीजनल मैनेजर और चार शाखा प्रबंधकों को सस्पेंड किया गया है। इनमें शहपुरा शाखा प्रबंधक का नाम रितिक सिरोठिया, पाटन शाखा प्रबंधक आनंद पांडे, सिहोरा शाखा प्रबंधक बीके पाठक और रिछाई के शाखा प्रबंधक शैलेश उपाध्याय हैं।

किसानों के फर्जी पंजीयन की भी जांच

इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि धान खरीदी के लिए कुछ किसानों की तरफ से फर्जी पंजीयन भी कराए गए हैं। इसका सत्यापन एसडीएम और तहसीलदार के माध्यम से पहले किया जा चुका है लेकिन उसमें और गड़बड़ियां सामने आने पर इसकी जांच की जा रही है। सिकमी धारकों के अलावा व्यापारियों के पंजीयन की आशंका को ध्यान में रखकर यह जांच की जा रही है।