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साधारण किसान के बेटे हैं IPS गौरव तिवारी, टाटा में भी कर चुके काम

कटनी के जिले के एसपी गौरव तिवारी का तबादला दो दिन से सुर्खियों में है। लोग तबादला निरस्त करने की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहाँ तक कि तबादला निरस्त न होने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दी है। 

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neeraj mishra

Jan 11, 2017

sp gourav tiwari

sp gourav tiwari

जबलपुर/ कटनी। कटनी के जिले के एसपी गौरव तिवारी का तबादला दो दिन से सुर्खियों में है। महज छह माह के कार्यकाल में उन्होंने जनता के बीच ऐसी छवि बनाई है कि लोग तबादले के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। विरोध यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि सीएम शिवराज सिंह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखा गया है।

एसपी की दीवानगी लोगों में इस कदर है कि तबादला निरस्त करने की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है। यहाँ तक कि तबादला निरस्त न होने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दी है। साधारण किसान के बेटे ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। हम यहां गौरव तिवारी के संघर्ष की कहानी बताने जा रहे हैं कि कैसे एक साधारण गांव को बेटा एसपी बना।

टाटा में की नौकरी
बनारस से 30 किलोमीटर दूर स्थित साधारण गांव के रहने वाले गौरव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में प्राप्त की। दसवीं तक गांव में पढ़ाई करने के बाद वे लखनऊ चले गए। इंटरमीडियट लखनऊ से पास करने के बाद उन्होंने आईआईडी से इंजीनियरिंग की। इसके बाद वे टाटा कंपनी में नौकरी करने लगे।



आईपीएस बनने करनी पड़ी नौकरी
गौरव ने बताया कि वे शुरू से ही आईपीएस अफसर बनना चाहते थे, लेकिन सिविल सर्विसेस की पढ़ाई करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने इंजीनिरिंग करने के बाद टाटा कंपनी ज्वाईन कर ली। दो साल काम करने के बाद जब पैसे एकत्रित हुए तो वे आईपीएस की कोचिंग करने के लिए दिल्ली चले गए। इसके बाद उनका सिलेक्शन हो गया।



स्कॉलरशिप से हुई पढ़ाई
तिवारी ने बताया कि जब वे आईआईटी से इंजीनियरिंग कर रहे थे तो उन्हें स्कॉलरशिप मिलती थी। जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई संभव हो पाई। स्कॉलरशिप में 90 फीसदी खर्चा सरकार उठाती थी। केवल मेस का खर्च की उन्हें देना होता था।

माता पिता की शिक्षा से बने आईपीएस
गौरव ने बताया कि उनके पास गांव में केवल 7 एकड़ खेती है। पिता अरूण तिवारी खेती करते हैं। मां सविता ग्रहणी हैं। माता पिता से मिली शिक्षा के बल पर ही वे अपने मुकाम तक पहुंचे हैं। आपनी सफलता को श्रेय गौरव अपनी पत्नी आभा को भी देते हैं।

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