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जबलपुर. दमोहनाका-मदन महल फ्लाईओवर निर्माण के दौरान साइट पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। छह किमी इलाके में हरियाली नहीं बची है। इसके बावजूद सड़क के किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने कोई पहल नहीं हो रही है। फ्लाईओवर के ऊपर और सड़क किनारे पौधरोपण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लाईओवर के जंक्शन प्वॉइंट रानीताल चौराहा, महानद्दा से दशमेश द्वार के सामने ग्रीन जोन विकसित करने का प्रावधान किया जाना चाहिए।
निर्माण के साथ सिमटती गई हरियाली
छोटी लाइन चौराहा से तिलवारा, रानीताल से अधारताल समेत शहर के ज्यादातर प्रमुख मार्गों के किनारे सड़क के दोनों ओर पहले हरियाली थी। सड़क चौड़ीकरण और नए निर्माण के साथ ग्रीन बेल्ट सिमटता गया। सड़कों के किनारे फुटपाथ पक्के बनाए जा रहे हैं । ऐसे में हरित क्षेत्र विकसित करने भी जगह नहीं छोड़ी जा रही है।
यह है स्थिति
7 किमी दमोहनाका-मदन महल फ्लाईओवर की लम्बाई
150 के लगभग पेड़ काटे गए 6 किमी इलाके में
1 किमी के एक्सटेंशन पार्ट में फ्लाईओवर का निर्माण बाकी
4 बड़े जंक्शन लेंगे आकार, इनमें किया जा सकता है पौधरोपण
फ्लाईओवर निर्माण के बाद नीचे डिवाइडर भी चौड़े बनने हैं। ऐसे में छोटे पौधे लगाकर डिवाइडरों को भी हरा-भरा बनाया जा सकता है। मुंबई के शिवाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास बने फ्लाईओवर को हरा-भरा बनाया गया है। फ्लाईओवर में लगाए गए पौधे मार्ग को आकर्षक बनाते हैं। टाउन प्लानर्स का मानना है कि जबलपुर में बनने वाले सभी फ्लाईओवर में हरित क्षेत्र का प्रावधान किया जाना चाहिए।
इनका कहना है
फ्लाईओवर और नीचे सड़क किनारे ग्रीन जोन विकसित करने के लिए खुला क्षेत्र छोड़ा जाना चाहिए। इससे साथ उपलब्ध जगह के अनुपात में पर्याप्त आई लैंड, रोटरी विकसित कर उनमें पौधे लगाए जा सकते हैं।
सागर, स्ट्रक्चर इंजीनियर
Published on:
06 Jun 2023 12:47 pm
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