जबलपुर। बैरल में लगे मजल के बस्र्ट होने और जर्मनी की जगह चीन की वायर रेस रोलर बेयरिंग लगाने के विवाद के बावजूद जीसीएफ प्रशासन 155 एमएम 45 कैलीबर धनुष तोप प्रोजेक्ट को आगे ले जाने की तैयारी में जुटा हुआ है। क्षतिग्रस्त तोप की बैरल और मजल को जांच के लिए कानपुर आयुध निर्माणी भेजा गया है। उधर, दूसरी तोप से फिर से फायरिंग का कार्यक्रम बनाया गया है। बताया गया कि फायरिंग के लिए पोकरण से तीन माह बाद की तिथि मिली है। आयुध निर्माणी बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कहा है। फैक्ट्री को करीब 18 तोप तैयार करना है। लगभग एक दर्जन तोप का निर्माण हो चुका है। लगातार दो बार मजल में विस्फोट से प्रोजेक्ट की गति में कमी आई है।