
inland container
जबलपुर. शहर में उत्पादित वस्तुओं के निर्यात के लिए जबलपुर-कटनी रेललाइन के किनारे इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं। कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने इस परियोजना के लिए राजस्व अधिकारियों को 150 एकड़ जमीन चिन्हित करने के लिए कहा है। इसी प्रकार इलेक्ट्रानिक मर्चेन्ट कलस्टर के लिए 200 एकड़ भूमि तलाशने के लिए कहा है।
राजस्व अधिकारियों को कलेक्टर के निर्देश, 150 एकड़ जमीन की जरूरत
कलेक्ट्रेट में बुधवार को भूमि आवंटन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोनों प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण हैं। कंटेनर डिपो रेललाइन के किनारे हो, इसलिए ऐसी जमीन तलाशें। इस काम को प्राथमिकता से किया जाना जरूरी है। उन्होंने बरेला से मनेरी मार्ग पर पड़ने वाले जिले के तीन गांवों में नल-जल योजना अंतर्गत पाईप लाइन की शिफ्टिंग के लिए सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण करने की हिदायत भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को दी।
उत्पाद विदेश भेजने में आसानी
इनलैंड कंटेनर डिपो या ड्राईपोर्ट एक सूखा बंदरगाह होता है। इससे बंदरगाहों तक निर्यात किए जाने वाली सामग्री को भेजा जाता है। यह आमतौर पर रेल लाइन के पास बनाया जाता है। सामान्यत: हर इकाई इतनी सक्षम नहीं होती कि वह सीधे बंदरगाह तक उत्पादित वस्तु को पहुंचा सके। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों के पास इनलैंड कंटेनर डिपो बनाया जाता है। इससे उनका खर्चा बचत है। इससे निर्यात को प्रोत्साहन भी मिलता है। जबलपुर में इसकी कमी लंबे समय से है।
Published on:
27 Oct 2022 02:18 pm
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