10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खाने का तेल फिर हुआ महंगा, मसाले भी इतने महंगे कि कम हो गए खरीदने वाले

खाने का तेल फिर हुआ महंगा, मसाले भी इतने महंगे कि कम हो गए खरीदने वाले

2 min read
Google source verification
Food oil: सरकारी प्रयासों के बाद भी काबू नहीं आ रहे खाने के तेल

Food oil: सरकारी प्रयासों के बाद भी काबू नहीं आ रहे खाने के तेल

जबलपुर। खाद्य तेल एक बार फिर महंगा हो गया है। इसकी कीमत 10 से 15 रुपए ज्यादा हो गई है। दाल भी 5 से 10 रुपए प्रतिकिलो महंगी हो गई हैं। खड़ी हल्दी, लाल मिर्च और खड़ी धनिया की नई फसल आ चुकी है। इसके बाद भी इन मसालों के दाम बढ़ रहे हैं। इनमें 20 से 30 रुपए बढ़ गए हैं। ऐसे में बिक्री में गिरावट भी देखी जा रही है। जनवरी और फरवरी की तुलना में मार्च में कई चीजों की कीमत बढ़ गई है। यही स्थिति फलों की है। सभी प्रमुख फलों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

महंगाई की मार
आम आदमी को राहत नहीं, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर जरूरी चीजों पर पड़ रहा
खाद्य तेल फिर महंगा, नई फसल के सीजन में भी मसाले तेज

कोरोना और ईंधन का असर
रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढऩे से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की स्थिति खराब होते जा रही है। इधर जानकार बढ़ती कीमतों के लिए मांग और आपूर्ति में अंतर के साथ ही डीजल और पेट्रोल की दामवृद्धि तथा कोरोना संकट को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। तेल कारोबारी प्रखर गुप्ता ने बताया कि करीब 10 दिन में ही मूल्य में 10 से 15 रुपए तक की तेजी आई है। ऐसे में लोगों ने बड़ा टीन लेने की जगह एक-एक लीटर वाले पाउच खरीदना प्रारम्भ कर दिया है।

किराना कारोबारी अंकित केसरवानी का कहना है कि इस समय नई फसल आती है। इसलिए कीमतें भी कम होती हैं। लोग सालभर के लिए मिर्च, धनिया और हल्दी का संग्रहण करते हैं। जबकि इस वर्ष मसालों की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण हालात अलग हैं। नागपुर में कफ्र्यू के कारण मिर्च की आवक कम हो गई है। डीजल की कीमत बढऩे से भाड़ा भी बढ़ा है, उसका असर भी कीमतों पर हो रहा है।