जबलपुर.
यात्रियों को साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराने का दावा करने वाली जबलपुर रेल मंडल में यात्रियों को झूठे डिस्पोजल बॉक्स में खाना परोसा जा रहा है। यह काम रेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। लेकिन जिम्मेदारों को उसकी कोई खबर नहीं है। डिस्पोजल बॉक्स का दोबारा से उपयोग में लिए जाने से यात्रियों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। जबलपुर रेलवे स्टेशन में संचालित हो रही खानपान की स्टाल में कुछ ऐसा ही हो रहा है।
पटरी डस्टबिन से करते हैं इकटठा
सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर ट्रेन आते ही एलुमिनियम, डिस्पोजल बॉक्स में खाना रखकर स्टॉल संचालक खाना देते हैं। इस बीच कई यात्री खड़े होकर खाना खाते हैं तो वहीं डिस्पोजल को झूठे डिसपोजल को छोड़कर चल देते हैं। ट्रेन के जाने के बाद रेलवे स्टेशन स्टॉल संचालक के वेंडरों द्वारा इन डिस्पोजल को चुपके से पटरी, डस्टबीन, प्लेटफार्म से उठाकर इकट्ठा कर लिया जाता है। फिर पानी से धोकर और कपड़े से साफ कर दोबारा से उपयोग में लाया जाता है।
फिल्टर पानी का उपयोग
रेलवे स्टेशन में यात्रियों को पीने के लिए फिल्टर पानी सप्लाई किया जा रहा है। इस पानी का उपयोग केवल पीने के लिए होना चाहिए ना कि निस्तार के लिए। लेकिन स्टाल संचालक प्लेटफार्म पर लगे पीने के पानी के नलो का सीधा उपयोग बर्तन धोने में कर रहे हैं। साथ ही वॉश बेसिन, नलों के पास गंदगी भी वही बहा रहे हैं जिसके कारण पानी पीने आने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो और तीन में कुछ ऐसा ही चल रहा है।