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#FoodSafetyDay : कोविड में बदले फूड सेफ्टी के मायने, थाली बनी इम्युनिटी वाली

#FoodSafetyDay : कोविड में बदले फूड सेफ्टी के मायने, थाली बनी इम्युनिटी वाली  

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जबलपुर. लोगों के लिए हेल्थ ही वेल्थ है, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही बेहतर विचारों का निर्माण करता है। हेल्थ को संवारने के लिए लोग काफी मेहनत भी करते हैं। कहीं हेल्दी और बैलेंस डाइट पर फोकस किया जाता है, तो कहीं इम्युनिटी सिस्टम के लिए मशक्कत की जाती है। सेहत की नेमत के लिए खाने की शुद्धता मायने रखती है। यह बात लोगों को कोरोना काल ने सिखाई है। उस दौर ने लोगों को स्वच्छता और खाने के मानकों को तय करने के लिए प्रेरित किया। खाने की गुणवत्ता के लिए ही हर साल 7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनया जाता है।

हेल्थ ही वेल्थ को संवारने के लिए 7 जून को मनाया जाता है दिवस

इम्युनिटी बूस्टर फूड

फूड सेफ्टी और सेहत को ध्यान में रखते हुए सिर्फ इम्युनिटी नहीं, बल्कि हेल्दी बॉडी की चाह में खाना सर्व किया जा रहा है। होममेकर्स भी अब इम्युनिटी के साथ ऐसा फूड सर्व कर रही हैं, जो दिनभर एनर्जी बनाए रखे। हाइजीन फूड के साथ फ्रूट्स और ड्राइफ्रूट्स भी खाने में शामिल किया जा रहा है।

विटामिन और प्रोटीन से भरी थाली

न्यूट्रिनिस्ट विनीता श्रीवास्तव कहती हैं कि कोरोना काल में फूड की सेफ्टी जितनी जरूरी थी, उतना ही लोगों ने खाने में विटामिन और प्रोटीन की मात्रा को खाने में शामिल किया। इस आदत को हमेशा अपनाना चाहिए, क्योंकि विटामिन और प्रोटीन की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाव मिलता है।

कोरोना ने बदला चलन

खानपान को लेकर कोरोना काल के बाद से लोगों ने अपने नियम बदले थे, जो अब हमेशा से लिए लागू कर लिए गए हैं। लोगों के लिए अब सिर्फ खाने और स्वाद का नहीं, बल्कि इम्युनिटी और न्यूट्रिशन मायने रखता है।