9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Former CM Kamal Nath ने पूछा Shivraj Chauhan सरकार क्यों छुपा रही श्मशान व कब्रिस्तान के आंकड़े

-मैहर की गलती सुधारी, बोले, पूरा विश्व भारत के प्रजातंत्र पर हंस रहा

2 min read
Google source verification
पूर्व सीएम कमलनाथ

पूर्व सीएम कमलनाथ,पूर्व सीएम कमलनाथ,पूर्व सीएम कमलनाथ

जबलपुर. Former CM Kamal Nath शुक्रवार को मैहर स्थित मां शारदा के दर्शन-पूजन के बाद पहुंचे जबलपुर। यहां उन्होंने कोरोना से हुई मौत के संबंद एमपी सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि सरकार श्मशान और कब्रिस्तान के आंकड़ो को क्यों छिपा रही है।

मैहर से लौटते वक्त कुछ देर के लिए जबलपुर एयरपोर्ट पर रुके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सतना में हुई गलती को सुधारते हुए ट्विटर विवाद के लिए केंद्र को भी जमकर खरी-खोटी सुनाई। कहा कि आज के हालात ऐसे बन गए हैं जब पूरा विश्व भारत के प्रजातंत्र पर हंस रहा है। यहां बता दें मैहर में कमलनाथ ने कह दिया था कि, "महान नही अब भारत बदनाम है।"

ये भी पढें- कमलनाथ की फिसली जुबान, भारत को लेकर कर दी ये टिप्पणी

कांग्रेस नेता प्रदेश सरकार को घेरने से नहीं चूके, उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से सीधा सवाल किया कि आखिर प्रदेश में इतनी लाशों का जिम्मेदार कौन है? और किस वजह से इनकी मौत हुई है? उन्होंने दावा कि कोरोना से प्रदेश में डेढ़ लाख लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।

नकली रेमडेसिविर मामले में भी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार को घेरने की कोशिश की। उनका स्पष्ट कहना था कि आखिर ये नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन आए कहां से? हालातों को देखकर लगता है कि प्रदेश में एक नया कोविड माफिया जन्म ले चुका है। जहां पहले उनसे चंदा लिया जाता है और फिर मनमानी करने की छूट दे दी जाती है। वैक्सिनेशन को लेकर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सरकार को आड़े हाथों लेने से नहीं चूके, कमलनाथ ने कहा चुनाव के कारण 45 वर्ष आयु वर्ग के वोटर्स को लुभाने के लिए वैक्सीनेशन का बड़ा दावा तो कर दिया गया लेकिन वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं थी। आंकड़े बताते हैं कि अपने खुद के देश को छोड़ अन्य देशों को सरकार ने 6 करोड़ से ज्यादा की वैक्सीन भेज दी।

प्रिंट-इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया सुर्खियों में आए बाबा रामदेव और एलोपैथी विवाद पर भी कमलनाथ ने अपनी बेबाक राय रखी। कहा कि एलोपैथी और आयुर्वेद में विवाद नहीं होना चाहिए।