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जबलपुर में कोरोना से लडऩे की अच्छी पहल 12 घंटे खुले रहेंगे फीवर क्लीनिक, देखें पूरी सूची

कोरोना से जंग में अब वार्ड स्तर पर फीवर क्लीनिक: फीवर क्लीनिक में मरीजों के नमूने भी लिए जाएंगेसर्दी-खांसी या बुखार तो घबराएं नहीं, 12 घंटे खुले रहेंगे फीवर क्लीनिक

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Corona infection : अस्पताल आने वाले मरिजों में मचा हड़कंप

Corona infection : अस्पताल आने वाले मरिजों में मचा हड़कंप

जबलपुर। कोरोना से जंग व सर्दी-खांसी, बुखार और सांस लेने की तकलीफ से पीडि़त मरीजों को त्वरित इलाज देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिले में फीवर क्लीनिक का निर्धारण कर दिया हैं। जिले में क्लीनिक में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे तक मरीजों को परामर्श मिलेगा। प्रत्येक क्लीनिक का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। इन फीवर क्लीनिक में मरीजों के नमूने भी लिए जाएंगे। फीवर क्लीनिक के जिम्मेदार अफसरों के नाम नंबर भी प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में स्थित सभी फीवर क्लीनिकों के क्षेत्र का निर्धारण कर दिया गया है । नागरिकों से सर्दी-खाँसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर अथवा कोरोना से मिलते जुलते लक्षण होने पर वे समीप के फीवर क्लीनिक में इलाज व जांच करा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत कोरोना संदिग्ध मरीजों के सेम्पल भी अब इन्हीं फीवर क्लीनिकों में लिये जायेंगे। कोरोना की जांच के लिये सेम्पल लेने फीवर क्लीनिकों में अलग से चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी। इनके अलावा प्रत्येक फीवर क्लीनिक का एक चिकित्सक को नोडल अधिकारी भी बनाया गया है ।

इन क्षेत्रों में बनी क्लीनिक
परसवाड़ा, तिलवारा, पोलीपाथर, स्नेहनगर, गुप्तेश्वर, उखरी, शांति नगर, कोतवाली, मोतीनाला, गोहलपुर, अधारताल, सजय नगर, घमापुर, बड़ा पत्थर रांझी, कजरवारा, सुभाषनगर आदि।

चरमरा रहीं स्वास्थ्य सेवाएं, फिर शुरू हों निगम के दवाखाने
कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं। स्थितियां रोजाना बिगड़ रही हैं। नगर की बड़ी आबादी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, जो निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज पर खर्च होने वाली राशि का वहन कर सके। सरकारी अस्पतालों में सीमित संसाधन हैं और उन पर इस वक्त सबसे ज्यादा भार है। ऐसे में नगर निगम के पूर्व संचालित दवाखानों को फिर से संचालित किया जाए तो शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। सम्भव हो तो इन दवाखाना की संख्या और बढ़ाई जाए। नगर निगम पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर ने सम्भागायुक्त व नगर निगम के प्रशासक महेशचंद्र चौधरी से ये मांग की है। उन्होंने कहा कि दवाइयां या रेडक्रॉस या नगर निगम के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती हैं। रेडक्रॉस में दान के लिए अपील की जा सकती है। इन्हीं दवाखानों से मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोरोना की नि:शुल्क जांच की जा सकती है।