काकोरी कांड में भी योगदान देनेवाले सेनानी निरंजनसिंह के परिजनों में सबसे बड़ी बेटी दिप्ती प्रभा के पुत्र अजितेन्द्र नारोलिया, अमितेन्द्र नारोलिया, उजाला और सुनीता नारोलिया ने बताया कि निरजंन सिंह ने लेखनी की दुनिया में भी सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर निरजंन सिंह का जन्म साल 1905 में जिले के बहोरीपार में हुआ। ये जब खंडवा में ग्रेजुएशन करने गए तभी माखनलाल चतुर्वेदी के सानिध्य में स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। आगरा में एमएलबी की पढ़ाई के दौरान भी आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। इस दौरान वे आगरा के जिला कांग्रेस कमेटी के मंत्री रहे।