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गैस एजेंसी संचालक के बेटे ने खुद को किडनैपर से ऐसे बचाया!

50 लाख रुपए फिरौती मांगने की रची थी साजिश

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Kidnapping

जबलपुर. धनवंतरी नगर एचआइजीसी-96 में रहने वाले गैस एजेंसी संचालक संदीप कुसरे के 17 वर्षीय बेटे सुजल की सोमवार को अपहरण की कोशिश की गई। एक अन्य गैस एजेंसी संचालक लक्की सिंह राजपूत ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर सुजल के अपहरण के बाद 50 लाख रुपए फिरौती मांगने की साजिश रची थी। संजीवनी नगर थाना पुलिस ने सोमवार को ही आरोपियों पर अपहरण के प्रयास का मामला दर्ज किया। देर रात आरोपी लक्की समेत गोविंद, आनंद और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया। सत्यम और शिव फरार है। यह जानकारी मंगलवार को एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने पत्रकारवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त कार, बाइक व फोन जब्त किए गए।
लक्की का पिता संदीप गैस एजेंसी में काम करता है। लक्की की कमर्शियल गैस सिलेंडर की एजेंसी थी। लॉकडाउन के दौरान उसे घाटा लगा, तो उसने अपना घर भी गिरवी रख दिया। दो माह पहले उसे पता चला कि संदीप अपनी कार बेचना चाहते हैं। तब वह गोविंद और आनंद के साथ उनके घर गया था। तभी उसकी नजर सुजल पर पड़ी। लौटने के बाद तीनों ने सुजल के अपहरण और 50 लाख फिरौती मांगने की साजिश रची। 17 फरवरी को तीनों कार से संदीप के घर पहुंचे, लेकिन वहां भीड़ होने से उस दिन साजिश फेल हो गई। कार गोविंद के चचेरे भाई रिंकू की थी। उसके बाद उन्होंने शिव, राहुल और सत्यम को भी साजिश में शामिल किया।
सोमवार को लकी और गोविंद बाइक से तथा आनंद, राहुल, शिव और सत्यम फिर से उसी कार से संदीप के घर पहुंचे। धनवंतरी नगर चौक पर बाइक खड़ी की और कार की नम्बर प्लेट निकाली। लकी और गोविंद कार से संदीप के घर पहुंचे। वहां से आनंद ने संदीप को फोन कर कार देखने की बात कही। संदीप ने बेटे सुजल को कार दिखाने को कहा। सुजल ने कार दिखाई। उसी दौरान आरोपी उसे बातों में फंसाकर अपनी कार के पास ले गए और जबरन उसमें बिठाने लगे। सुजल ने मदद की आवाजें लगाने के साथ अपहरणकर्ताओं को धक्का देकर उनके चंगुल से छूट गया। तभी सुजल की मां ने भी मदद की आवाज लगाई, जिससे आरोपी हड़बड़ाकर भाग निकले।
मोबाइल नम्बर और सीसीटीवी फुटेज से पहचान
एसपी बहुगुणा के मुताबिक संदीप को जिस नम्बर से आनंद ने फोन किया था, उसे ट्रैस किया गया। उसके बाद गोविंद, लकी, आनंद और राहुल को हिरासत में लिया गया। चारों सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुए थे। पूछताछ में चारों ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूली।