
Jabalpur Ordnance Factory.
जबलपुर. देश की सबसे छोटी आयुध निर्माणियों में शामिल ग्रे आयरन फाउंड्री अब जबलपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री (जेओएफ) के नाम से जानी जाएगी। 50 साल बाद अब नए नाम से फाउंड्री की सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। रक्षा कंपनी यंत्र इंडिया लिमिटेड (वायआइएल) ने फाउंड्री से मिले प्रस्तावों के बाद यह प्रक्रिया पूरी की।
ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआइएफ) पहले वीकल फैक्ट्री जबलपुर का हिस्सा थी। इसका मुख्य काम ढलाई का है। पहले सेना के जिन वाहनों का उत्पादन होता था, उसमें ब्रेक थ्रू और गियर बॉक्स की ढलाई फाउंड्री करती थी। वर्ष 1973 में यह स्वतंत्र आयुध निर्माणी बनाई गई। उस समय इसका नामकरण जीआइएफ किया गया। अब नाम जबलपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री (जेओएफ) कर दिया गया है।
कुछ समय पहले रखा था प्रस्ताव
जीआइएफ का नाम बदलने का प्रस्ताव कई साल से चल रहा है। लेकिन, इसी साल 25 जुलाई को 500 किलो के एयर बम बॉडी की सप्लाई के कार्यकम में यंत्र इंडिया लिमिटेड के सीएमडी राजीव पुरी आए थे, तब कार्यसमिति सचिव राकेश कुमार दुबे ने फाउंड्री की तरफ से नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। मजदूर यूनियन की तरफ से भी पत्राचार किया गया। अब कंपनी की तरफ से इसका आदेश जारी कर दिया गया है। इससे पहले कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में इसे स्वीकृत किया गया।
ढलाई में महारथ
जीआइएफ को ढलाई के काम में महारथ हासिल है। कई बडे़ उत्पादों की ढलाई यहां की जा चुकी है। इसमें एरियल बम, 500 किलो एयर बम, हैंड ग्रेनेड की बॉडी शामिल हैं। गियर ब्रॉक्स, युद्धक टैँक के स्प्रॉकिट व्हील और अन्य उत्पाद भी शामिल हैं।
Published on:
16 Dec 2023 01:32 pm
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