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गर्ल्स होस्टल की हकीकत आई सामने, इस हाल में मिली स्टूडेंट

गर्ल्स होस्टल

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Girls Hostel Students in dirty position in girls Hostel

Girls Hostel Students in dirty position in girls Hostel

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था में खानापूर्ति की जा रही है। हॉस्टलों में दिखावे के गार्ड तैनात किए गए हैं। हॉस्टल में कोई भी आ-जा सकता है। हॉस्टल के प्रवेश द्वार पर अनजान वाहनों का जमावड़ा भी है, जिससे हॉस्टल में आने-जाने वाले छात्रों को परेशानी होती है।


इस हाल में मिली स्टूडेंट
गौरतलब है कि हाल ही में सुरक्षा की कमी की वजह से एक छात्रा चाकूबाजी की शिकार हो गई थी। यह छात्रा होस्टल परिसर के सामने ही खून से लथपथ मिली थी। पुलिस इन्वेस्टिीकेशन में भी यह सामने आया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की निगरानी नहीं होने से वारदात हुई है।


एक गार्ड

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में दो मुख्य हॉस्टल हैं। छात्रों के लिए विश्वविद्यालय से लगा देवेन्द्र छात्रावास है। यह दो मंजिल का है। इसमें हॉस्टल में आधे से ज्यादा कमरे खाली पड़े हैं और खाली कमरों में छात्रों के वाहन और अन्य कचरा भरा हुआ है। इस छात्रावास के अलावा पचपेढ़ी रोड पर विश्वविद्यालय के समीप ही गल्र्स हॉस्टल है। इस हॉस्टल में भी निगरानी के लिए एक गार्ड बिठा रखा है।


हॉस्टल में कैमरे नहीं
विश्वविद्यालय के सुरक्षा तंत्र की खामी यहीं नजर आ जाती है कि छात्रावास जैसी जगह पर सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगाया है। बॉयज और गल्र्स हॉस्टल में तीसरी आंख की निगरानी नहीं है। हॉस्टल में सुरक्षा के नाम पर विश्वविद्यालय के ही कर्मचारी गार्ड के रूप में काम कर रहे हैं।


विश्वविद्यालय की साइड रोड पर रहवासी क्षेत्रों के बीच गल्र्स हॉस्टल है। यहां हॉस्टल में एक गार्ड की चौकी बनी है। हॉस्टल का मेन डोर बंद था। साइड डोर से छात्राओं का आना-जाना था। यहां हॉस्टल के बाहर एक बुजुर्ग गार्ड बैठा था, लेकिन आने-जाने वालों की रजिस्टर में एंट्री नहीं कर रहा था।

ये हो चुकी है वारदात
रादुविवि में पढऩे वाली एक छात्रा हॉस्टल जा रही थी। उस दौरान हॉस्टल के समीप ही बाइक में सवार तीन लोगों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया था। मौके पर बचाव करने भी कोई नहीं आ सका। वारदात के बाद हो-हल्ला होते लोग पहुंचे थे और उसे अस्पताल पहुंचाया था।


पुलिस इंवेस्टिीकेशन
पुलिस छानबीन में यह सामने आया था कि चाकूबाजी में छात्रा के जीजा का हाथ था। जीजा ने वारदात को अंजाम देने भाड़े के हमलावरों का इस्तेमाल किया था। वारदात में हॉस्टल का चौकीदार मोहन भी शामिल था, जो छात्रा के आने-जाने का लोकेशन हमलावरों को दे रहा था।

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