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gold jewellery design: शादियों में फिर लौट आया पारम्परिक गहनों का चलन

gold jewellery design: शादियों में फिर लौट आया पारम्परिक गहनों का चलन

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gold jewellery design

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जबलपुर. शादी विवाह की तैयारियां फिर से शुरू हो गई हैं। जिनके घरों में शहनाइयां बजनी हैं वे इन दिनों जमकर खरीदी कर रहे हैं। खासकर ज्वेलरी को लेकर लोगों की रुचि सबसे ज्यादा देखी जा रही है। दिन प्रतिदिन बढ़ते सोने चांदी के दामों के बावजूद खरीददारों में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि वेडिंग ज्वेलरी में एक बार फिर पुराना फैशन लौटा है। पारंपरिक गहनों की डिमांड फिर होने लगी है। सराफा बाजार में अधिकतर दुकानदारों से ग्राहक पारंपरिक गहनों की मांग कर रहे हैं।

लाइट वेट ज्वेलरी में हैवी डिजाइन पहली पसंद

सदाबहार फैशन में पारंपरिक ज्वेलरी

लोगों का मानना है कि इन गहनों में परंपरा और संस्कृति की झलक देखने मिलती है। साथ ही ये सदाबहार फैशन के रूप में जाने जाते हैं, जबकि नई डिजाइनें कुछ दिनों में ही पुरानी लगने लगती हैं। हालांकि पहले की अपेक्षा अब ये ज्वेलरी कम वजनी हो गई हैं, लेकिन भराव वाली डिजाइनें होने से ये दुल्हन पर ज्यादा खूबसूरत दिखती हैं।

राजस्थानी, मारवाड़ी की सबसे ज्यादा मांग

सोने के हैवी गहनों में राजस्थानी, मारवाड़ी, दक्षिण भारतीय गहनों की डिमांड ज्यादा है। सराफा व्यापारियों के अनुसार ये ज्वेलरी देखने में जितनी सुंदर होती है, उतनी ही पहनने वाले को खूबसूरत भी बनाती हैं। इनके डिजाइन अन्य गहनों की अपेक्षा ज्यादा मजबूत होते हैं। ऐतिहासिक व ट्रेडिशनल विषयों पर बनी फिल्मों, टीवी सीरियल में भी इन्हीं गहनों का सबसे ज्यादा उपयोग दिखाया जाता है। जिससे ये ट्रेंड पिछले एक साल में तेजी से बढ़ा है।

इन गहनों की डिमांड

पांचाली, शॉर्ट मंगलसूत्र, रानी हार, कंछड़ी, नथ, बेंदी, बाजू बंध, कमर पट्टा, करधन, टेम्पल ज्वेलरी जो कि पौराणिक मठ मंदिरों की मूर्तियों में दिखाई देती है, कि डिमांड है। इसके अलावा आदिवासी परंपरा पर आधारित ज्वेलरी भी फैशन में है।