
सडक़ से लगी इस बावड़ी में झाडिय़ां उग गई है, जिससे बावड़ी में प्रवेश का रास्ता बंद हो गया है।
जबलपुर. तिलवाराघाट रोड स्थित गोंडवानाकालीन शिवनाथ बावड़ी में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे इसका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। सडक़ से लगी इस बावड़ी में झाडिय़ां उग गई है, जिससे बावड़ी में प्रवेश का रास्ता बंद हो गया है। जानकार कहते हैं कि इस बावड़ी का रखरखाव नहीं होने से यहां बना मंदिर का ढांचा गिर चुका है।
गोंडवानाकालीन इतिहास में शिवनाथ बावड़ी प्राचीन है। यह बावड़ी तिलवाराघाट रोड पर बाजनामठ मंदिर के पास बनी हुई है। इस बावड़ी के सामने करीब सौ मीटर पर विषकन्या बावड़ी भी है। शिवनाथ बावड़ी के किनारे से पहाड़ी की ओर रास्ता बना है, जिससे यहां सतत ट्रैफिक रहता है। बावड़ी की हालत यह हो गई है कि यहां पानी में कचरा उतरा रहा है।
झाड़ियों से पट रही बावड़ी: बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ी नहीं दिखाई दे रही है। इसकी जगह झाडिय़ां उग गई हैं, जो नीचे तक है। पूरी बावड़ी झाडिय़ों से पट गई है। चारों ओर कचरा फैल रहा है।
खतरनाक हो गई मुंडेर: सडक़ की ओर बाउंड्री की मुंडेर क्षतिग्रस्त हो गई है। इसमें झाडिय़ां उग गई हैं। सडक़ से लगी होने की वजह से यहां दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। जानकार कहते हैं कि यह बावड़ी काफी गहरी है। मौजूदा हालात में द्वितीय तल तक पानी दिखाई दे रहा है।
रुकते थे घुमक्कड़ व्यापारी: इतिहासविद आरके गुप्ता के मुताबिक गोंडवानाकाल में यह निर्माण संग्राम सिंह के द्वारा कराया गया था। इतिहास में इस बात का उल्लेख है कि उस दौरान घुमक्कड़ व्यापारी हुआ करते थे, जिनके ठहरने और पीने के पानी की व्यवस्थाओं को देखते हुए इनका निर्माण किया गया था।
जलश्रोतों की सफाई की जाती है। जोन कार्यालयों को कहा गया है। पुराने श्रोतों को सहेजने की भी तैयारी की जा रही है।
भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
Published on:
27 Jul 2022 11:35 am
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