
Jabalpur Ordnance Factory.
जबलपुर. ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआइएफ) में तैयार हो रहे थाउजेंड पाउंडर बम की बॉडी की फिनिशिंग का काम शुरू हो गया है। इस काम में लगी चार अत्याधुनिक मशीनें पहली बार आई हैं। प्रतिदिन आठ से दस बम बॉडी को फिनिश किया जा रहा है। इससे फाउंड्री का समय और पैसा बच रहा है। यह काम अभी तक दूसरी निर्माणी या निजी क्षेत्र में होता था।
पहली बार वायुसेना से मिला ऑर्डर
जीआइएफ को पहली बार वायुसेना से थाउजेंड पाउंडर बम का बड़ा ऑर्डर मिला है। इस वित्तीय वर्ष में 500 बम बॉडी तैयार करनी है। इसके लिए जरूरी है कि बम बॉडी का सारा काम फाउंड्री में हो। पहले ढलाई तो हो जाती थी लेकिन उसे फिनिश करने के लिए मशीनें नहीं थीं। अब चार मशीनों को मंगाया गया है। सीएनसी और लेथिंग मशीनों से बॉडी को फिनिश कर उसे आयुध निर्माणी खमरिया बारूद भरने के लिए भेजा जाएगा।
मुरादनगर निर्माणी से मिला है काम
धरती को हिला देने वाले इस बम की बॉडी का उत्पादन अभी आयुध निर्माणी मुरादनगर में होता है। वायुसेना ने जितने उत्पादन का लक्ष्य निर्माणी को दिया है, उसे समय पर पूरा करना कठिन है। इसलिए जीआइएफ में इसका उत्पादन शुरू किया गया है। प्रतिदिन आठ से 10 बॉडी का उत्पादन हो रहा है।
दो मशीनों पर काम शुरू
बम बॉडी की मशीनिंग के लिए आई चार में से दो मशीनों की कमिशनिंग हो गई है। ठेका कम्पनी के कर्मचारी ही इसे ऑपरेट कर रहे हैं। फाउंड्री के कर्मचारियों को मशीनिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद दो और मशीनें लगाई जाएंगी।
थाउजेंड पाउंडर बम बॉडी की मशीनिंग का काम शुरू हो गया है। इसके लिए चार मशीनें लगाई गई हैं। दो मशीनों पर काम भी शुरू हो गयाहै।
विकास ज्ञान बाबू, जनसंपर्क अधिकारी, जीआइएफ
Published on:
10 Nov 2023 01:17 pm
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