अब जबलपुर में महंगी नहीं होंगी सब्जियां, लॉकडाउन में किसानों बढ़ाई सब्जी की खेती

उत्पादन में वृद्धि की सम्भावना, आपात स्थितियों में रहती है ज्यादा मांग

By: Lalit kostha

Published: 07 Sep 2020, 12:53 PM IST

जबलपुर। लॉकडाउन के समय स्थानीय सब्जियों की जबर्दस्त मांग को देखते हुए अब मौजूदा और नए किसान भी इनकी फसल लगाने की तैयारियों में जुट गए हैं। लॉकडाउन में बाहर से सब्जियों की आवक बंद थी। ऐसे में शहर और आसपास से आने वाली सब्जी ने आपूर्ति को बरकरार रखा था। उद्यानिकी विभाग किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। अभी करीब 52 सौ हेक्टेयर में सब्जियों की पैदावार होती है। किसानों की दिलचस्पी और मांग को देखते हुए यह बढकऱ 55 सौ हेक्टेयर हो सकता है।

लॉकडाउन में नजर आया महत्व, किसान बढ़ाएंगे सब्जियों का रकबा

हर साल करीब 7 लाख 26 हजार मीट्रिक टन से अधिक सब्जियां यहां होती हैं। सिहोरा, पनागर, पाटन, मझौली और कुंडम क्षेत्र में किसान काफी मात्रा में सब्जियां लगाते हैं। उन्होंने लॉकडाउन के समय अपनी उपज के महत्व को समझा। अभी भी स्थानीय बाजार के साथ आसपास के जिलों में यहां की सब्जियों की सप्लाई हो रही है। किसानों को एक मार्केट मिला है। इससे उनकी दिलचस्पी भी बढ़ी है।

 

sabji.png

विके्रता भी बढ़े, मांग में इजाफा
कोरोना के कारण कई लोगों का रोजगार छिन गया। ऐसे में ज्यादातर लोगों ने सब्जी का व्यवसाय शुरू किया है। गली-मोहल्ला, कॉलोनी और सडक़ों पर अब सब्जी बेचने वालों में नए चेहरे भी शामिल हैं। इसलिए मंडी से पहले की तुलना में ज्यादा सब्जी जाने लगी है।

इनकी ज्यादा पैदावार
जिले में 30 से ज्यादा सब्जियां होती हैं। कुछ सब्जियों की पैदावार अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। इनमें लौकी, करेला, बरबटी, फराशबीन, गमारफल्ली, भटा, गोभी, भाजी, पत्तागोभी, कद्दू, भिंडी, टमाटर, आलू और हरी मटर शामिल हैं।

मटर की फसल अच्छी होने की उम्मीद
हरे मटर की खपत न केवल जिला बल्कि दूसरे राज्यों में रहती है। जिले में 28 से 30 हजार हेक्टेयर से क्षेत्रफल में मटर की पैदावार होती है। हरी फल्लियों के साथ सूखे दानों का भी विक्रय होता है। इसका उत्पादन ढाई से 3 लाख मीट्रिक टन होता है। बारिश अच्छी होने से इसका रकबा भी बढऩे की सम्भावना जताई जा रही है।

लॉकडाउन में सब्जियों की बाहर से आवक बंद रहने की स्थिति में स्थानीय किसानों की उपज ने आपूर्ति की। किसानों को अच्छा मूल्य भी मिला। इसलिए किसान अब ज्यादा मात्रा में सब्जियों की पैदावार करना चाहते हैं। विभागीय अधिकारी भी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ भी उन्हें दिया जा रहा है।
- डॉ. नेहा पटेल, उप संचालक उद्यानिकी विभाग

Show More
Lalit kostha Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned