9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

GST रिटर्न फाइलिंग 1, 2, 3 होंगे खत्म, व्यापारियों को सिर्फ बिक्री की जानकारी देनी होगी

केंद्रीय वित्त सचिव डॉ. हसमुख अढिय़ा ने कहा

2 min read
Google source verification
gst return latest news for return filing procedure in hindi,Union Finance Secretary Dr Hasmukh Adhia said,Dr Hasmukh Adhia ,Hasmukh Adhia,hasmukh adhia news,gst bill,gst bill,gst tax rate,gst rates in india item wise,gst return filing procedure,gst return filing due date,gst return date extended,gst return filing dates in india,Jabalpur,

gst return latest news for return filing procedure in hindi

जबलपुर। व्यापारी जीएसटी रिटर्न फाइलिंग 1, 2, 3 की जिस प्रक्रिया को बोझिल मान रहे हैं, उसे खत्म कर जल्दी ही नई प्रणाली लाई जाएगी। इस नई प्रक्रिया में व्यापारियों को सिर्फ बिक्री की जानकारी देनी होगी। उन्हें खरीदी नहीं दिखानी पड़ेगी। ये महत्वपूर्ण जानकारी केंद्रीय शासन के वित्त सचिव डॉ. हसमुख अढि़या ने दी। वे शुक्रवार को जीएसटी पर आयोजित परिचर्चा में बोल रहे थे। इस दौरान अढिय़ा ने कहा कि टैक्स की दर कम हो, रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया आसान हो जाए, व्यापारी चीटिंग करके ज्यादा कीमत पर माल नहीं बेच पाए। ये बदलाव करना हमारी प्रतिबद्धता है। जीएसटी का सरलीकरण किया जाएगा। इसमें बस थोड़ा समय लगेगा।

टैक्स का दायरा बढ़ा
अढिय़ा ने कहा एेसा सिस्टम लागू करना है की टैक्स भरने से एक भी व्यापारी न छूटे, तभी ईमानदार व्यापारी को लाभ होगा। डॉ अढि़या ने कहा पहले 50 हजार करोड़ का सीएसटी (सेंट्रल सर्विस टैक्स)लगता था। 50 प्रकार के सेस लगते थे, जीएसटी के आने से वे खत्म हुए। टैक्स का दायरा बढ़ा है।

चोरी की गुंजाइश
बकौल अढिय़ा लोगों का मानना है की जीएसटी 28 प्रतिशत होने पर टैक्स चोरी की गुंजाइश ज्यादा है। पहले सरकार राजस्व अर्जित कराने उन्हीं व्यापारियों पर पचासों प्रकार के टैक्स लादती जाती है जो पहले से चुका रहा होता है। देश के एक चौथाई व्यापारियों पर ही पूरा बोझ आ रहा था। सभी को टैक्स के दायरे में लाने किसी ने प्रयास नहीं किया। दोनों टैक्स प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष, यानी इनक म टैक्स व जीएसटी दोनों से टैक्स चुकाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।

मिलकर करना होगा काम
डॉ अढि़या ने कहा देश में एक जीएसटी के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। आने वाले समय में 5-10 साल बाद एक ही टैक्स होगा। एक ही एजेंसी टैक्स जुटाएगी। उसका बंटवारा राज्य सरकारों के बीच हो जाएगा। उन्होंने कहा ईवे बिल इंस्पेक्टर राज को खत्म करने के लिए आवश्यक है। 99 प्रतिशत लोगों की जानकारी ईवे बिल से आने लगेगी तो वाहनों को भी रोकना नहीं होगा। इससे ईमानदार व्यापारियों को सीधे तौर पर लाभ होगा। ईवे बिल में भी आवश्यक बदलाव करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया में लगे 17 साल
वित्त सचिव ने बताया ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधि मंडल दिल्ली आया था। उन्होंने वर्ष 2000 में लागू किया। उनका कहना था की उन्हें इस टैक्स को लागू कराने में 17 साल लग गए। यहां कैसे लागू हो गया शांति से वे भी हैरान हैं। जीएसटी से संबंधित जो समस्याएं आई हैं। उन्हें दूर करने टीम को लगाएंगे।

संगठनों ने समस्याएं बताईं और सुझाव दिए
महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रवि गुप्ता ने रिर्टन भरने में छोटे व्यापारियों को आ रही समस्याओं से लेकर, ई-वे बिल की व्यवहारिक समस्याओं समेत ९ बिंदुओं पर आधारित सुझाव दिए। जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने भी जीएसटी में आवश्यक सुधार के लिए सुझाव दिए। टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एमएम नेमा, महाकौशल उद्योग संघ के डीआर जैसवानी, मेडिसिन एसोसिएशन के पदाधिकारी, ट्रक ऑनर एसोसिएशन के परमवीर सिंह, सीए एसोसिएशन के अनिल गुप्ता, प्रांतीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कालरा, जबलपुर थोक विक्रे ता संघ के युवराज जैन, अभिषेक त्यागी ने भी जीएसटी के मौजूदा स्वरूप के कारण हो रही समस्याओं व विसंगतियों को दूर करने आवश्यक सुझाव दिए। लार्डगंज व्यापारी संघ अध्यक्ष अखिल मिश्र ने भी जीएसटी की विसंगतियों पर सुझाव दिए। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा किए गए आयोजन में विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर नारायण मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने भी जीएसटी पर अपनी बात रखी।