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हरगढ़ की खाली औद्योगिक भूमि पर आएंगे बडे़ उद्योग

एथनॉल बनाने वाली कंपनियों को जारी किया गया आशय पत्र

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लंबे समय से उद्योगों का सूखा झेल रहे सिहोरा के हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में थोड़ी बहार आएगी।

जबलपुर. लंबे समय से उद्योगों का सूखा झेल रहे सिहोरा के हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में थोड़ी बहार आएगी। जल्द ही यहां पर एथनॉल बनाने वाली दो बड़ी कंपनियां एवं राइस मिल भी संचालित होंगी। एमपीआइडीसी ने दो कंपनियों 40 एकड़ जमीन आशय पत्र जारी कर दिया है। आगामी समय में अगली प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें भूखंड आवंटित किए जाएंगे।

खनिज आधारित उद्योगों के लिए चिन्हित सिहोरा के इस औद्योगिक क्षेत्र में अभी उद्योगों का भारी टोटा है। वर्तमान में यहां सात उद्योग संचालित हो रहे हैं जबकि जगह इतनी हैं कि 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। यही कारण है कि आए दिन यहां पर कब्जों की खबरें सामने आती हैं। औद्योगिक भूमि के बडे़ क्षेत्रफल में अवैध रूप से सायलो बैग रख दिया गया था। वह अभी भी रखा है। इस पर एमपीआइडीसी ने आपत्ति जताई थी। अब धीरे-धीरे इसे खाली किया जा रहा है।

वर्तमान में 37 हेक्टेयर जमीन है

ऐसे कब्जाें के ध्यान में रखकर मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एमपीआइडीसी) ने औद्योगिक भूमि के उपयोग की योजना बनाई है। इस औद्योगिक क्षेत्र का रकबा तो बहुत बड़ा है लेकिन अभी यहां पर आवंटन के लिए 81 हेक्टेयर जमीन है। इतनी जगह पर पूर्व में रोड, नाली और बिजली की लाइन लगी है। इसमें 38 एकड़ से अधिक भूमि का आवंटन 9 इकाइयों को किया गया था। इनमें सात ने अपनी इंडस्ट्री यहां पर लगा ली है। वर्तमान में 37 हेक्टेयर जमीन है, जिस पर उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इसलिए यहां पर अब बडे़ उद्योगों को लगाया जा रहा है।

फैक्ट फाइल

- कुल 290 हेक्टेयर है हरगढ़ का रकबा।

- 187 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकास।

- 38 एकड़ भूमि का हो चुका आवंटन।

- 07 इकाइयों का हो रहा है संचालन।

उत्पादन के साथ रोजगार

हरगढ औद्योगिक क्षेत्र में दो कंपनियां ने एथनॉल की इकाइयां लगाने में रुचि दिखाई है। इसे ध्यान में रखकर एक कंपनी को एमपीआइडीसी ने 25 एकड़ जमीन के लिए आशय पत्र जारी किया है तो एक कंपनी को 15 एकड़ जमीन। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दोनों कंपनियां यहां पर बड़ा निवेश कर रही हैं। इसी प्रकार एक बड़ी राइस मिल के लिए भी एक कंपनी के संचालकों ने यहां इकाई स्थापना के लिए रुचि दिखाई है। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में जो इकाइयां चल रही हैं, उनमें खनिजों का प्रसंस्करण किया जाता है।

हरगढ़ में उद्योगों के लिए काफी संभावनाएं हैं। यहां की सुविधाएं भी उद्योगपतियों को आकर्षित कर रही हैं। हाल में एथनॉल बनाने वाली दो कंपनियों को 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए आशय पत्र जारी किया गया है।

सीएस धुर्वे, कार्यकारी संचालक एमपीआइडीसी