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हरितालिका तीज 2017 : पूजा करने का सही मुहूर्त एवं समय

तृतिया तिथि 24 तारीख को सुबह 5:45 बजे से लग जायेगी इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं और लड़कियां इससे पहले ही अपनी पूरी तयारी कर लें

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जबलपुर। पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला व्रत 'हरितालिका तीज' 24 अगस्त को है। हिंदी पंचांग के अनुसार ये व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतिया को रखा जाता है। भारत में ये व्रत कुंवारी लड़कियां भी करती हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए इस व्रत को पार्वती जी ने शादी से पहले किया था। यही मान्यता है की ये व्रत करने से उन्हें मनचाहा वर मिलता है। व्रतरी महिलाये व युवतियां पूरी रात जागकर शिव भजन करती हैं।
नगर के ज्योतिषाचार्य सत्येंद्र स्वरुप शास्त्री के मुताबिक इस बार तीज का पर्व काफी सुखद संयोग लेकर आया है। तृतिया तिथि 24 तारीख को सुबह 5:45 बजे से लग जायेगी इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं और लड़कियां इससे पहले ही अपनी पूरी तयारी कर लें।

पूजा करने का सही मुहूर्त
प्रात:काल हरितालिका तीज- सुबह 05:45 से सुबह 08:18 बजे तक
प्रदोषकाल हरितालिका तीज= शाम 6:30 बजे से रात 08:27 बजे तक
पूजा का वक्त= 1 घंटा 56 मिनट

व्रत की पूजा विधि
हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को किया जाता है। इस दिन रेत के शंकर-पार्वती बनाए जाते हैं। उनके उपर फूलों का मंडल सजाया जाता है। पूजा गृह को केले के पेड़ों से सजाया जाता है। यह निर्जल, निराहार व्रत है, जिसमें प्रसाद के रूप में फलादि ही चढ़ाए जाते हैं। व्रती स्त्रियां रात्रि जागरण कर, भजन-कीर्तन कर भगवान शिव की पूजा करती हैं। दूसरे दिन भोर होने पर नदी में शिवलिंग और पूजन सामग्री का विसर्जन करने के साथ यह व्रत संपन्न होता है।

मान्यता हैं कि मां पार्वती ने जंगल में जाकर भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई सालों तक बिना पानी पिये लगातार तप किया था जिसके बाद भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारा था। तपस्या और निष्ठा का व्रत तपस्या और निष्ठा के साथ स्त्रियां यह व्रत रखती है, ये वर्त बड़ा कठिन है, क्योंकि ये व्रत बिना पानी के रखा जाता है। इस व्रत का खास तौर पर उत्तर भारत में विशेष मान है। कहते हैं इस व्रत को करने से सात जन्मों तक महिलाओं को उनके पति सात जन्मों तक मिलते हैं।

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