जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट का माहौल गुरुवार को उस समय भावुक हो उठा, जब ससुराल में रह रहे युवक को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। युवक के पिता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि ससुराल वालों ने पुत्र को बंदी बना कर उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली। पुत्र ने भी कहा कि अब वह ससुराल में नहीं, बल्कि अपने पिता के साथ रहना चाहता है। जस्टिस एसके सेठ की एकलपीठ ने युवक को उसकी इच्छानुसार पिता के साथ रहने की इजाजत दे दी।