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कोर्ट में फूट-फूटकर रोया युवक, कहा अब मैं ससुराल नहीं जाऊंगा

पिता ने लगाई याचिका, पुत्र को ससुराल पक्ष द्वारा बंधक बनाने का लगाया आरोप,कोर्ट ने स्वेच्छा से रहने की दी अनुमति

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Ajay Khare

Sep 16, 2016

high court jabalpur

high court jabalpur

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट का माहौल गुरुवार को उस समय भावुक हो उठा, जब ससुराल में रह रहे युवक को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। युवक के पिता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि ससुराल वालों ने पुत्र को बंदी बना कर उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली। पुत्र ने भी कहा कि अब वह ससुराल में नहीं, बल्कि अपने पिता के साथ रहना चाहता है। जस्टिस एसके सेठ की एकलपीठ ने युवक को उसकी इच्छानुसार पिता के साथ रहने की इजाजत दे दी।

यह है मामला

चुंगी चौकी कांचघर निवासी मनोहर सिंह वर्मा ने याचिका दायर कर कहा था कि उसके पुत्र अर्पित का विवाह पनागर थानांतर्गत ग्राम भरदा निवासी धरमदास पटेल की पुत्री पूजा से हुआ। विवाह के बाद से ही पूजा उनके साथ दुव्र्यवहार करने लगी। इसके बाद वह मायके चली गई। 27 जुलाई 2016 से उनके पुत्र को ससुराल वालों ने बंधक बना लिया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर याचिका दायर की गई।

कोर्ट में फूट-फूट कर रोया

गुरुवार को पनागर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। पहले तो वह चुप रहा। लेकिन जैसे ही कोर्ट ने उससे दूसरी बार पूछा कि तुम कहां रहना चाहते हो, वह फूट-फूट कर रोने लगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप बालिग हो, जहां चाहे जा सकते हो। उसने कहा कि वह अब ससुराल में नहीं रहना चाहता। इस बयान को रिकार्ड पर लेकर कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।

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