
diabetes
जबलपुर. डायबिटीज आज के समय एक खतरनाक बीमारी का रूप लेती जा रह है। सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि इसके लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। इसके लक्षणों के दिखते ही विशेषज्ञों से संपर्क किया जाए। समय से पता लगने से इसके खतरनाक परिणामों से बचा जा सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन डायबिटीज के पांच नए मरीज सामने आ रहे है। इनमें टाइप टू डायबिटीज से पीडि़त मरीजों की संख्या ज्यादा है। डॉक्टरों के अनुसार शहर में हर दूसरे घर में मधुमेह रोगी हैं। चिंताजनक बात यह है कि बीमारी को लेकर अभी भी जागरुकता का अभाव है। अनुवांशिक कारणों के अलावा अनियमित दिनचर्या और खानपान के कारण लोग कम उम्र में बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। समय पर जांच नहीं कराने से आधे लोगों को पता ही नहीं होता कि वे डायबिटीक है। देर से इलाज शुरू होने पर स्वास्थ्य सम्बंधी अन्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। जबलपुर में में ही मधुमेह रोगियों की संख्या दो लाख से ज्यादा है। इनमें इनमें से मात्र 40 से 50 फीसदी ही मरीज नियमित इलाज कराते हैं।
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टाइप टू के मरीज ज्यादा
मधुमेह विशेषज्ञ डॉ.अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार डायबिटीज दो प्रकार की होती है। इनमें टाइप वन डायबिटीज व टाइप टू डायबिटीज है। टाइप वन डायबिटीज में इंसुलिन का बनना कम हो जाता है। वहीं टाइप टू डायबिटीज प्रभावित लोगों में ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है। मधुमेह विशेषज्ञ डॉ.विशाल कास्तवार के अनुसार जागरूकता व परिवार और मधुमेह इस वर्ष की थीम है। 30 वर्ष के बाद प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में एक बार मधुमेह की जांच कराना चाहिए। मधुमेह रोगी नियमित व्यायाम ,संतुलित भोजन व डॉक्टर्स के अनुसार बताई गई दवाओं का सेवन करके स्वस्थ्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
ये हैं लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार हाथ मधुमेह के सामान्य कारण है। जिनमें पैर में झुनझुनी आना, चक्कर आना, कमजोरी, अचानक वजन कम होना, रात में बार-बार पेशाब लगना, मुंह सूखना, बार-बार प्यास लगना है। कई मरीजों में इनमें से कुछ लक्षण नहीं भी मिलते हैं।
Published on:
15 Nov 2019 09:09 am
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