15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#HealthFitnessDay फिट बॉडी की चाह में बढ़ा जिमिंग कल्चर

ओबिसिटी के साथ बीमारियों से बचाव के लिए जॉइन कर रहीं फिटनेस सेंटर  

2 min read
Google source verification
Gym culture

Gym culture

जबलपुर. सिटी लेडीज अब फिटनेस फ्रेंडली हो रहीं हैं। इसके लिए वे योगा, मेडिटेशन के साथ अन्य डिफरेंट फिटनेस एक्टिविटी में हिस्सा ले रहीं हैं। उनका कहना है कि वे अब स्लिम नहीं, बल्कि फिट बॉडी चाहती हैं। इसके कारण वे जिमिंग कल्चर भी फॉलो कर रहीं हैं। बॉडी से ओबेसिटी के टॉक्सिन हटाने और कैलोरी बर्न करने के लिए वे जिमिंग टेक्निक करके घंटों पसीना भी बहा रही हैं। इन सबके पीछे उनकी चाह सिर्फ फिटनेस फ्रैंडली बॉडी बनाना है। इस विमन हेल्थ एंड फिटनेस डे के मौके पर आइए जानते हैं कि शहर में किस तरह से फिटनेस फ्रेंडली बन रही हैं।

बढ़ा जिमिंग ट्रेंड

शहर के फिटनेस ट्रेनिंग सेंटर्स में विमन रेशो ग्राफ बढ़ रहा है। मॉर्निंग और इवनिंग बैचेज में सबसे ज्यादा महिलाओं की संख्या नजर आती है। बीते तीन सालों में फिटनेस सेंटर्स में महिलाओं की संख्या 45 फीसदी तक हो चुकी है।

ताकि ओबिसिटी ना हो

फिटनेस ट्रेनर एस संदिल ने बताया कि अब महिलाओं के बीच जिमिंग का ट्रेंड बढ़ रहा है। उनकी चाह अब स्लिम ट्रिम बॉडी की नहीं, बल्कि फिट बॉडी की होती है। वे बॉडी को सिर्फ एक ही टोन और शेप में रखना चाहती हैं कि ताकि उनमें ओबेसिटी न हो।

बीमारियों से बचाव

सिर्फ हेल्दी काया के लिए जिमिंग कल्चर कामगार साबित नहीं हो रहा, बल्कि थायराइड, ओबिसिटी, बीपी, शुगर और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए भी डिफरेंट एक्सरसाइज पर फोकस किया जा रहा है।

इस तरह बन रही सेहत

●योग
●मेडिटेशन
●जिम
●जुम्बा
●एरोबिक्स
●वॉक