खरीदी केंद्रों में गेहूं का अंबार, तुलाई, परिवहन व्यवस्था ठप
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और परिवहन की व्यवस्था चरमरा गई है। तुलाई, परविहन व भंडारण समय पर नहीं हो रहा है, अब तक खरीदे गए गेहूं में से 3 लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं का परिवहन नहीं हो सका है, जो खुले में रखा है।
जबलपुर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और परिवहन की व्यवस्था चरमरा गई है। तुलाई, परविहन व भंडारण समय पर नहीं हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी खरीदी केन्द्रों की जांच के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। अब तक खरीदे गए गेहूं में से 3 लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं का परिवहन नहीं हो सका है, जो खुले में रखा है।
ठेकेदार पर मेहरबान
खरीदी केंद्रों से गेहूं तत्काल वेयर हाउसों में पहुंचाने की व्यवस्था लागू की गई है। परिवहन का जिम्मा त्रृप्ति कारगो व पंकजम् इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जिला विपणन संघ के जिम्मेदार स्वीकार कर रहे हैं कि दोनों ठेकेदार परिवहन के मामले में फिसड्डी साबित रहे हैं।
फै क्ट फाइल-
- 71 गेहूं खरीदी केन्द्र जिले में
- 9.20 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी
- 6.10 लाख क्विंटल का परिवहन
- 3 हजार क्विंटल गेहूं का बुढ़ागर में तुलाई के लिए लगा है ढेर
-20 दिन से किसान कर रहे हैं तुलाई का इंतजार
20 दिन से पड़ा गेहूं
बुढागर में लगभग 20 दिन से तीन हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। यहां सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं है। नतीजतन किसानों को रतजगा कर रखवाली करनी पड़ रही है। कई बोरा अनाज गायब होने की शिकायत भी मिली है। तुलाई का इंतजार कर रहे सुभाष पटेल, राजेन्द्र तिवारी, बृजलाल पटेल, ब्रह्मानंद पटेल ने बताया कि खरीदी केन्द्र पर समिति के सदस्यों का कहना है कि गेहूं की तौल तो करा देंगे, लेकिन उसे वेयर हाउस में रखने के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। वे दलील दे रहे हैं कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। वहीं किसान इस आस में हैं कि तुलाई हो जाएगी और उन्हें उपज का सही दाम मिल सकेगा।
इनका कहना है कि
सभी एसडीएम से लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया है कि खरीदी केन्द्रों का दौरा कर खरीदी व परिवहन की व्यवस्था को दुरुस्त करें। एेसा नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
महेशचंद्र चौधरी, कलेक्टर
अब तक जिले में 9 लाख 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई है। इसमें से 3 लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं का परिवहन बाकी है। शेष का भंडारण हो चुका है।