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जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायाधीश शील नागू व न्यायाधीश देवनारायण मिश्रा की युगलपीठ ने 15 होमगार्ड सैनिकों को दो माह का कॉल ऑफ देने पर अंतरिम रोक लगा दी। युगलपीठ ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर पूर्व में लम्बित प्रकरणों के साथ संलग्न करने के निर्देश दिए। इसी के साथ कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं को बिना कॉल ऑफ दिए उनकी सेवा जारी रखी जाए। शासन से कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले में गठित उच्च स्तरीय समिति ने कॉल ऑफ के मुद्दे पर क्या अनुशंसा की है। मामले पर अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी।
दमोह के तुलसीराम तिवारी सहित 12 अन्य होमगार्ड सैनिकों ने याचिका दायर कर बताया कि उन्हें एक दिसंबर 2023 से 30 जनवरी 2024 तक का कॉल ऑफ दिया गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि शासन ने संशोधन के जरिए एक साल में दो माह के कॉल ऑफ को बदलकर तीन साल में दो माह का कॉल ऑफ कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में होमगार्ड कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियमितीकरण, आरक्षकों के समान वेतन, पूरे वर्ष कार्य प्रदान करने एवं अन्य लाभ देने की प्रार्थना की थी। इस पर हाईकोर्ट ने आंशिक रूप से स्वीकार कर मध्य प्रदेश शासन को आदेशित किया था कि वे होमगार्ड की सेवा का नियम बनाएं और उन्हें पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाए। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2016 में नियम बनाए और आदेश के विपरीत पुनः एक वर्ष में 2 माह का बाध्य काॅल ऑफ का प्रावधान रख दिया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए व्यवस्था दी।
Published on:
01 Dec 2023 07:23 pm
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